नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अंतर्राष्ट्रीय सर्प दंश जागरूकता दिवस के अवसर पर मेडिसिन विभाग द्वारा मेडिसिन ओ०पी०डी० में सर्पदंश जागरूकता प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसका संचालन मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ अरविंद कुमार द्वारा किया गया।
प्रोग्राम में डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि सर्प दंश के मरीज को बिना देर किये, सरकारी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। जहां पर उसका उचित इलाज हो सके। कभी भी सर्पदंश के बाद घबराना नहीं चाहिए और ना ही देसी इलाज जैसे की घाव पर पट्टी बांधना, घाव को काटना, लाल मिर्च का लेप लगाना, हल्दी लगाना इत्यादि या फिर झाड़ना, फहुकना नही करना चाहिए। इन सबके उपचारों में न पड़कर मरीज को तुरंत सरकारी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। जहां पर मरीज को उचित इलाज समय रहते मिल जाये व एंटी वेनम इंजेक्शन, सर्प दंश विनाशक दवाएं मिल सके।
मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ योगिता सिंह ने सभी मरीजों से वार्तालाप किया तथा सर्प दंश के उपचार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि सर्पदंश वाले मरीज को किसी अन्य उपचार न कर,सीधा सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। हमारे मेडिकल कॉलेज मेरठ में सर्प दंश से संबंधित सभी तरह की दवाएं ,एंटी वेनम इंजेक्शन व एक विशेष वार्ड की व्यवस्था है, जिसमें सभी तरह की सुविधा ,वेंटीलेटर, मॉनिटर आदि उपलब्ध हैं।
उपरोक्त कार्यक्रम में मेडिसिन विभाग की आचार्य डॉ आभा गुप्ता, डॉ योगिता सिंह, डॉ अरविंद कुमार, डॉ संध्या गौतम, डॉ एस०के०के० मालिक, डॉ ज्ञानेंद्र सिंह, डॉक्टर रचना सेमवाल, डॉ पंकज कुमार सिंह व मेडिसिन विभाग के जूनियर व सीनियर रेसिडेंट आदि उपस्थित रहे।
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