Breaking

Your Ads Here

Wednesday, September 25, 2024

4400 उम्मीदवारों को बिजनौर कौशल महोत्सव में मिले जॉब ऑफर लैटर

 


नित्य संदेश ब्यूरो

बिजनौर। बिजनौर कौशल महोत्सव का सफल समापन जयंत चौधरी (राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) के नेतृत्व में हुआ, जो स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। एक माह तक चले जॉब रैडीनैस प्रोग्राम के दौरान ज़िले से 13500 से अधिक युवाओं से स्किल इंडिया डिजिटल हब पर पंजीकरण किया था। इनमें से 3500 उम्मीदवारों को चुना गया और 5 दिन के प्रशिक्षण और करियर काउन्सलिंग के बाद नौकरियां दी गईं। 6000 युवाओं ने कौशल महोत्सव में हिस्सा लिया और तकरीबन 900 युवाओं को उसी समय जॉब ऑफर दिए गए।

कौशल विकास, उद्यमिता एवं शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) जयंत चौधरी ने सभा को सम्बोधित करते हुए आर्थिक विकास में कौशल विकास की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, हमारी सरकार बिजनौर के युवाओं को ज़रूरी कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता हासिल कर सकें। कौशल महोत्सव जैसे अभियान न सिर्फ उन्हें नौकरियों के अवसर देते हैं, बल्कि उन्हें नए उद्योगों के साथ भी जोड़ते हैं। मुझे विश्वास है कि बिजनौर के युवा एक बार फिर से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और उन्हें मिलने वाले हर अवसर का लाभ उठाएंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं के फायदों का लाभ उठाना चाहिए। अपनी क्षमता और नैतिक मूल्यों के साथ बिजनौर के युवा उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा, हम हर युवा को सहयोग प्रदान करने के प्रयास जारी रखेंगे, इसी क्रम में हमने युवाओं को भारत के सर्वश्रेष्ठ उद्योगों के साथ जोड़ने के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब की शुरूआत की है। हमारी यह पहल बिजनौर के युवाओं के लिए नए मार्ग प्रशस्त करेगी। हमारी सरकार ने उनके लिए कई योजनाएं बनाई हैं और यह महत्वपूर्ण है कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं

इस आयोजन में उत्तर प्रदेश और आस-पास के इलाकों से एम्पलॉयर्स शामिल हुए, जिन्होंने युवाओं को नौकरियों के अवसर प्रदान किए। चार सप्ताह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक योग्यता वाले तकरीबन 4800 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया। बिजनौर एवं आस-पास के युवाओं को विभिन्न सेक्टरों जैसे पर्यटन एवं आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, आईटी-आईटीईएस, ऑटोमोटिव, बीएफएसआई, इलेक्ट्रोनिक्स जैसे सेक्टरों में नौकरियां मिलीं। कॉर्पोरेट जगत के जाने-माने नाम जैसे बर्गर किंग, ज़ेप्टो, क्वैस कोर्प, फ्लिपकार्ट, ज्युबीलैंट फूड्स, बारबेक्यू नेशन, विज़न इंडिया और युवा शक्ति फाउन्डेशन आदि भी इस रिक्रूटमेन्ट में शामिल रहे।

एनएसडीसी ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के तत्वावधान में इस साल बिजनौर के युवाओं को नौकरियों के लिए तैयार करने के प्रयास में कौशल महोत्सवः जॉब रैडीनैस प्रोग्रामकी शुरूआत की थी। प्रोग्राम का उद्देश्य बिजनौर को कुशल कार्यबल के विकास के लिए हब के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के कुशल भारत दृष्टिकोण के अनुरूप रोज़गार के अवसर उत्पन्न करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर रोशनी डाली।

कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, कौशल भारत मिशन के तहत सरकार बिजनौर जैसे क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ये क्षेत्र उभरते आर्थिक केन्द्र हैं, जहां युवाओं को आज के प्रतिस्पर्धी वातावरण के अनुसार कुशल बनाना ज़रूरी है। मैं बिजनौर और आस-पास के युवाओं को प्रोत्साहित करूंगा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण प्रोग्रामों और अभियानों में हिस्सा लें। इस अवसर पर मौजूद अन्य गणमान्य दिग्गजों में चंदन चौहान (एमपी, बिजनौर), चन्द्रशेखर (एमपी, नगीना), शैल माल्के (संयुक्त सचिव, एमएसडीई), प्रभात कुमार (राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सलाहकार), कर्नल महेन्द्र सिंह पायल (चीफ़ प्रोग्राम ऑफिसर, एनएसडीसी) भी मौजूद रहे।

कौशल महोत्सव के दौरान 5 दिनों में 40 घण्टों के रोज़गार प्रशिण प्रोग्राम का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं को विभिन्न जॉब रोल्स जैसे असेम्बली लाईन ऑपरेटर, कस्टमर केयर एक्ज़क्टिव में ज़रूरी सॉफ्ट स्किल्स और डोमेन विशिष्ट स्किल्स पर प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न सेक्टरों जैसे इलेक्ट्रोनिक्स, ऑटोमोटिव लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, आईटी और टूरिज़्म से 30 से अधिक कंपनियों ने रिक्रूटमेन्ट में हिस्सा लिया और उम्मीदवारों को 10,000 से रु 35,000 तक का वेतन ऑफर किया।

यह पहल बिज़नौर के युवाओं को अवसर प्रदान करेगी, साथ ही कुशल युवाओं को भावी एम्पलॉयर्स के साथ जोड़कर क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी सुनिश्चित करेगी। कौशल महोत्सव सरकारी संगठनों एवं उद्योग जगत के लीडर्स के बीच आपसी सहयोग का परिणाम है, जो युवाओं को कौशल प्रदान कर भावी चुनौतियों के लिए तैयार करता है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की मुख्य पहल कौशल महोत्सव युवाओं के लिए रोज़गार की संभावनाएं बढ़ाने और सर्वोच्च मानकों के साथ कुशल भारतदृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here