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Friday, September 27, 2024

2047 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा: विनीत शारदा

 आत्मनिर्भर भारत विषय पर भाषण प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
अनम शेरवानी 
नित्य संदेश, मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके साथ ही राष्ट्र बोध व्याख्यान माला के तहत विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर चर्चा का भी आयोजन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मदनमोहन मालवीय प्रेक्षागृह में मुख्य वक्ता भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा एवं कुलपति मेजर जनरल डॉ. जी.के.थपलियाल, इंजीनियरिंग कॉलेज के डीन डॉ. मनोज कपिल ने किया। कुलपति मेजर जनरल डॉ. जी.के.थपलियाल ने भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा को पौधा भेंट कर व पटका पहनाकर उनका स्वागत किया।
 
मुख्य वक्ता भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा ने कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नही हो सकता है और जातिवाद, क्षेत्रवाद, वामपंथी विचारधारा हमारे देश को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि सनातन की पूरे विश्व को जरूरत है और भारत को अखंड सनातन के सिद्धांत पर अमल कर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्र को जानना अति आवश्यक है, क्योंकि असंख्य महापुरूषों शहीदों ने अपने प्राणों की आहूति देकर हमारे देश की संस्कृति की रक्षा कर हमें आजादी दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत में तेज गति से अब विकास हो रहा है और 2047 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे शरीर में आत्मा सबसे महत्वपूर्ण है ऐसे ही पृथ्वी पर भारत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 की आरे देश अग्रसर हो रहा है। आज हमारे देश में मोबाईल, ऑटोमोबाईल, रियल स्टेट, कृषि सहित सभी सेक्टर में मजबूती से कार्य हो रहा है, जो देश के आत्मनिर्भर होने का गौरवशाली उदाहरण है। उन्होंने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को अपने संस्कार व देश के महापुरूषों से भी प्रेरणा लेनी चाहिए।

कुलपति मेजर जनरल डॉ.जी.के.थपलियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान देश की नींव को मजबूत करने का कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया कि सुभारती विश्वविद्यालय शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के मंत्र के साथ अपने विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्र बोध व्याख्यान माला के तहत विश्वविद्यालय में इस प्रकार के आयोजन किये जा रहे है ताकि विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सके। उन्होंने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी से देशहित में कार्य करने की अपील की।
इस अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज के डीन डॉ.मनोज कपिल, प्रशासनिक अधिकारी हर्षवर्धन कौशिक, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, अमित कुमार वर्मा, मीडिया प्रभारी अनम शेरवानी, डॉ. उमेश, डॉ. मानिक, ई अमित किशोर सहित सभी संकाय व विभाग के विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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