Saturday, October 10, 2026

ब्रिक्स सीसीआई और प्रेरणा बुक बैंक_ निःशुल्क किताब घर के बीच महत्वपूर्ण MOU _शिक्षा एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में सहयोग को मिलेगा नया आयाम



प्रमोद कुमार तेवतिया

नित्य संदेश, मेरठ। शिक्षा, ज्ञान के प्रसार और सामाजिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत BRICS Chamber of Commerce & Industry और प्रेरणा बुक बैंक (निःशुल्क किताब घर) के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर ब्रिक्स सी सी आई के चेयरमैन समीप शास्त्री तथा प्रेरणा बुक बैंक के संस्थापक सदस्य संजय कुमार शर्मा ने MOU पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य शिक्षा, ज्ञान, कौशल विकास, युवाओं के मार्गदर्शन तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।


BRICS Chamber of Commerce & Industry व्यापार एवं उद्योग जगत के साथ-साथ आर्थिक सहयोग, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने वाला मंच है। BRICS के माध्यम से विभिन्न देशों एवं क्षेत्रों के बीच व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक सहयोग के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जाता है। इसी व्यापक सोच को शिक्षा और सामाजिक विकास से जोड़ते हुए यह MOU एक ऐसा मंच तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसके माध्यम से शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी से संबंधित पहलों को आगे बढ़ाया जा सके।


MOU के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और जरूरतमंद वर्गों के लिए शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, डिजिटल लर्निंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रीडिंग केंद्रों जैसी पहलों पर मिलकर कार्य करने की संभावनाएं हैं। साथ ही, महिला सशक्तिकरण, CSR आधारित शिक्षा परियोजनाओं तथा ‘प्रेरणा मोबाइल बुक बैंक’ जैसी योजनाओं को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए सहयोग किया जा सकता है। इस अवसर पर BRICS के चेयरमैन समीप शास्त्री जी ने इस MOU को शिक्षा एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि, “विभिन्न संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से समाज के व्यापक वर्ग तक विकास के अवसर पहुंचाए जा सकते हैं।”


इस अवसर पर संजय कुमार शर्मा ने कहा कि “शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। BRICS जैसे व्यापक मंच के साथ सहयोग से शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि पुस्तकों और ज्ञान की पहुंच उन विद्यार्थियों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।” दोनों संस्थाओं का यह प्रयास है कि MOU को एक औपचारिक दस्तावेज तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी एवं परिणामपरक कार्यक्रमों में परिवर्तित किया जाए। आने वाले समय में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए शिक्षा, ज्ञान, कौशल और अवसरों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है।



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