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Thursday, October 1, 2026

भारतीय शौर्य के प्रतीक: कैप्टन स्मित मच्छार

नित्य संदेश

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर शांति से उड़ रही थी। विमान में 174 यात्रियों सहित 180 से अधिक लोग सवार थे। उसमें 100 से अधिक इजराइली यात्री सवार थे। 


विमान की कमान भारत के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार के हाथों में थी, जबकि उनके साथ कॉकपिट में ओमान का नागरिक सह-पायलट मौजूद था। अभी आधिकारिक जांच में ओमानी सह-पायलट का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन समझदार सब समझ सकते है। 


खैर, अचानक उस ओमानी सह-पायलट पर कट्टरपंथ का जुनून सवार हुआ और उसने 9/11 जैसी तबाही मचाने तथा विमान को क्रैश करने की खतरनाक साजिश रची। 


उस ओमानी ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर धारदार हथियार से कैप्टन स्मित पर जानलेवा हमला कर दिया और विमान के कंट्रोल्स को नीचे की ओर धकेल दिया। विमान महज एक मिनट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई से गिरकर लगभग 17,000 फीट पर आ गया।


कॉकपिट में खून बिखरा था और भारतीय कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल थे। लेकिन हमारे भारतीय पायलट के अदम्य साहस ने हार नहीं मानी। 


उन्हें असहनीय दर्द के बावजूद, अपनी अंतिम ताकत तक लड़ते हुए कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा अंदर से अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही सतर्क यात्रियों व क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया। इजरायली नागरिकों सहित सभी यात्रियों ने भी स्फूर्ति दिखाई। 


इसके बाद भारतीय पायलेट ने विमान की सऊदी अरब के तबूक (#Tabuk) में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करवाई।


हम समझ सकते है यदि उस ओमानी सह-पायलट के नापाक मंसूबे कामयाब हो जाते, तो न केवल विमान हाइजैक होता और उसमें सवार सभी यात्रियों की जान तक चली जाती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए भी एक बड़ी दुविधा खड़ी हो सकती थी। 


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समझा जा सकता था कि घटना के धुंधलके में भारतीय पायलट पर झूठा संदेह पैदा कर भारत को कूटनीतिक दबाव में घेरने की साजिश रची जा सकती थी। 

लेकिन जांबाज स्मित मच्छार ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से इस पूरे षड्यंत्र को नाकाम कर यह साबित कर दिया कि "भारतीय गलत कामों में किसी का साथ नहीं देते और वे जान लेने वाले से बड़े जान बचाने वाले होते है।"


वैसे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे प्रारंभिक जांच में नफरत और कट्टरपंथ से प्रेरित एक आतंकी हमला व प्लेन को क्रैश करने की कोशिश बताया है। 


कैप्टन स्मित मच्छार के इस अदम्य साहस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के सत्ताधारी नेताओं तथा इजराइल सरकार ने उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है। 


संकट की इस घड़ी में देश का नाम रोशन करने वाले इस वीर सपूत की गाथा हर भारतीय के दिल में गर्व का अहसास जगा रही है। हम सब उनके साहस को प्रणाम करते हैं और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की महादेव से कामना करते हैं। 


हमें आप पर गर्व है, कैप्टन स्मित मच्छार!



—सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल' 


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