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Tuesday, October 6, 2026

‘आज पौधा लगाएं, कल छाया पाएं’ अभियान में बच्चों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, ईको-क्विज से समझा प्रकृति बचाने का महत्व



सुभारती के विद्यार्थियों ने खड़ौली में रोपे पौधे, नौनिहालों को दिया हरियाली का संदेश


 

नित्य संदेश ब्यूरो


मेरठ। पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश लेकर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की टीम प्राथमिक पाठशाला खड़ौली पहुंची। यहां “वृक्षारोपण अभियान–आज पौधा लगाएं, कल छाया पाएं” विषय पर सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधे रोपकर हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का संदेश दिया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की अहमियत समझाते हुए उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया गया।



कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. तरुण कुमार ने किया, जबकि आयोजन डॉ. श्रवण कुमार गर्ग, वाइस प्रिंसिपल, सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग, के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान के दौरान कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्राथमिक पाठशाला खड़ौली के परिसर में विभिन्न पौधे रोपे। इस दौरान विद्यार्थियों ने बच्चों को बताया कि पेड़ केवल हमें छाया ही नहीं देते, बल्कि स्वच्छ हवा, पर्यावरण संतुलन और जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में न केवल हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार करने में भी योगदान देगा। विद्यार्थियों ने बच्चों से पौधों की देखभाल करने और उन्हें नियमित रूप से पानी देने का भी आह्वान किया।



कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए सरल एवं संवादात्मक पर्यावरण जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें बच्चों से पेड़-पौधों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा हरित एवं स्वस्थ वातावरण से जुड़े विषयों पर बातचीत की गई। बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ईको-क्विज का आयोजन किया गया। रोचक सवालों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर मिला। बच्चों ने उत्साहपूर्वक क्विज में हिस्सा लिया और अपने ज्ञान एवं जिज्ञासा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शामिल बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें छोटे चॉकलेट एवं प्रशंसा स्वरूप टोकन भी प्रदान किए गए।



कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े प्रयासों के साथ-साथ दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पानी की बर्बादी रोकना, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना, स्वच्छता बनाए रखना और अधिक से अधिक पौधे लगाना ऐसे सरल कदम हैं, जिन्हें हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकता है।



कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। सुभारती विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ग्रामीण एवं सामुदायिक क्षेत्रों में जागरूकता का संदेश पहुंचाया। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों और बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरियाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने शिक्षा को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए बच्चों के बीच सकारात्मक एवं स्थायी संदेश पहुंचाया।

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