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Tuesday, October 6, 2026

एक घंटा, एक साथ और स्वच्छता का संकल्प, सुभारती में शिक्षकों-विद्यार्थियों ने संभाली सफाई की कमान

 


‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ–स्वच्छता में सहभाग’ अभियान में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित परिसर का दिया संदेश

 

नित्य संदेश ब्यूरो


मेरठ। स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ और बेहतर समाज की साझा जिम्मेदारी है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा संकाय अंतर्गत शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा “एक दिन, एक घंटा, एक साथ–स्वच्छता में सहभाग” शीर्षक से विशेष स्वच्छता गतिविधि का आयोजन किया गया। अभियान में विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया।



अभियान का शुभारंभ डॉ. मंजू अधिकारी, अध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग ने किया। उन्होंने संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में स्वच्छता मिशन का उद्घाटन करते हुए अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उद्घाटन के बाद करीब एक घंटे तक चले स्वच्छता अभियान में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर विभागीय परिसर, प्रयोगशालाओं तथा विभाग के बाहरी क्षेत्रों की साफ-सफाई की। अभियान की खास बात यह रही कि विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों के साथ स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लिया। इससे विद्यार्थियों में यह संदेश गया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और संस्थागत सदस्य का साझा दायित्व है। स्वच्छता अभियान में डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. दीपक राघव, डॉ. अतुल कुमार तिवारी, डॉ. अंकित सिंह जादौन, डॉ. निशांत कुमार, सरताज खान, सुश्री दीपांशु चौधरी, शरद पंवार, शुभम राठी तथा संजीथ टीके ने विद्यार्थियों के साथ सक्रिय रूप से भाग लिया।




शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विभाग के विभिन्न हिस्सों की सफाई करते हुए परिसर में अनावश्यक रूप से पड़े कचरे को हटाया और साफ-सफाई के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित करने पर भी विशेष ध्यान दिया। अभियान के दौरान प्रतिभागियों में स्वच्छता को लेकर उत्साह और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इस अवसर पर विभाग की ओर से कहा गया कि स्वच्छता का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसे किसी विशेष दिवस या अभियान तक सीमित न रखकर नियमित आदत बनाया जाए। स्वच्छ परिसर न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि यह सकारात्मक वातावरण और बेहतर कार्य संस्कृति का भी निर्माण करता है।



अभियान ने स्वच्छ भारत मिशन की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुव्यवस्थित परिसर के प्रति विभाग की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि निरंतर स्वच्छता के लिए संस्थान के प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। इस प्रकार एक घंटे की यह गतिविधि स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रभावी संदेश देने में सफल रही।

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