नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में "एसपीएसएस एवं जेएसपी के माध्यम से मात्रात्मक विश्लेषण" विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में सिक्किम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की प्रो. स्नेहलता जसवाल ने विद्यार्थियों को आंकड़ों के विश्लेषण की तकनीकों और आधुनिक सांख्यिकीय उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कला संकाय के डीन प्रो. अतवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान में आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं। आंकड़ों का महत्व तभी है जब उनके आधार पर सही निष्कर्ष तक पहुंचा जाए। एसपीएसएस जैसे उपकरण विश्लेषण, निष्कर्ष और भविष्यवाणी में सहायक हैं। की-नोट एड्रेस में प्रो. अल्पना अग्रवाल ने कहा कि मैनुअल विश्लेषण में समय अधिक लगता है, जबकि एसपीएसएस से किसी भी डेटा समूह का विश्लेषण सरलता और कम समय में किया जा सकता है। शोधार्थियों के लिए इन उपकरणों की जानकारी आवश्यक है। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शोध के लिए वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विश्लेषण विधियों की जानकारी जरूरी है।
संचालन एमए प्रथम वर्ष की छात्रा ईशा राजौरिया ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सह आचार्य डॉ. अंशु अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. चित्रा गुप्ता, डॉ. लवलीन तिवारी, श्री दरवेश, सुश्री कनिका बंसल सहित एमए प्रथम, तृतीय एवं बीए पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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