Friday, October 9, 2026

सुभारती विश्वविद्यालय में चला स्वच्छता अभियान, विद्यार्थियों ने दिया ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ का संदेश

 


शिक्षा विभाग की पहल पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने की परिसर की सफाई, पर्यावरण संरक्षण के प्रति दिखाई जिम्मेदारी

 


नित्य संदेश ब्यूरो


मेरठ। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन  की ओर से  ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम के अंतर्गत स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग  के स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के निर्देशों के तहत आयोजित इस पहल में शिक्षक प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 


अभियान के दौरान शिक्षा विभाग के आसपास के क्षेत्रों, कक्षाओं के निकटवर्ती स्थानों, गलियारों और हरे-भरे आंगन की सफाई की गई। प्रतिभागियों ने परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के साथ हरित क्षेत्रों के संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाने, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की भावना पैदा करना था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि स्वच्छता की शुरुआत अपने आसपास के वातावरण से होनी चाहिए। कक्षा और परिसर के अन्य हिस्सों को साफ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी का कर्तव्य है। अभियान ने यह भी संदेश दिया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए नियमित प्रयास, व्यक्तिगत अनुशासन और सामूहिक सहभागिता आवश्यक हैं।



शिक्षा विभाग के कार्यवाहक डीन प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा ने इस पहल की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को विद्यार्थियों के व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के महत्व पर बल दिया। वहीं, सुभारती विश्वविद्यालय की पर्यावरण समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश रुहेला और विश्वविद्यालय के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज श्री सागर ने अभियान के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। शिक्षा विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) अनोज राज ने गतिविधि के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी और डॉ. रीबा देवी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छात्र समन्वयकों प्रिया, अर्पिता और प्रेरणा सिंह सहित अभियान में शामिल सभी विद्यार्थियों के योगदान की प्रशंसा की। फैकल्टी सदस्यों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को प्रभावी बनाया।



अभियान से परिसर के आसपास के क्षेत्रों और गलियारों की सफाई में सुधार के साथ विद्यार्थियों में व्यक्तिगत जिम्मेदारी तथा हरित क्षेत्रों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। साथ ही, विद्यार्थियों को अपने घरों और समुदायों में भी स्वच्छता की आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षा विभाग की यह पहल भविष्य के शिक्षकों को जिम्मेदार नागरिक और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ परिसर, हरित वातावरण और जिम्मेदार नागरिक ही सतत एवं विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

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