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Thursday, October 15, 2026

अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026 की तैयारियां तेज, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर


जनसहभागिता, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं से सफल होगा अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026 - प्रो. (डॉ.) शल्या राज


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में 21 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले ‘अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ को भव्य और व्यापक स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। महापर्व को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और युवा जागरण का जन-अभियान बनाने के उद्देश्य से सुभारती विश्वविद्यालय के हरि सिंह नलवा सेमिनार हॉल में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज और महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल राजेश त्यागी, एसएम (सेवानिवृत्त) सहित आयोजन समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, रैली के संचालन, जनसहभागिता, सुरक्षा, स्वच्छता और प्रतिभागियों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान महापर्व को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को राष्ट्रभक्ति, सामाजिक दायित्व, सांस्कृतिक मूल्यों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण से जोड़ने पर जोर दिया गया।


विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि ‘अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ जनभागीदारी, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता प्रस्तावित है। ऐसे व्यापक आयोजन की सफलता केवल प्रतिभागियों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके लिए की गई व्यवस्थाओं, अनुशासन, सुरक्षा और आपसी सहयोग से सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रतिभागी की सुविधा, स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आयोजन की तैयारियों में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि रैली में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे पूरे उत्साह एवं सुरक्षित वातावरण में कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें।


प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने विशेष रूप से रैली के 3.2 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जनसुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे मार्ग पर प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर जलपान केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि प्रतिभागियों को जरूरत के अनुसार पेयजल और जलपान उपलब्ध हो सके। इसके लिए शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े जनसमूह की सहभागिता वाले कार्यक्रम में छोटी-छोटी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए जलपान केंद्रों की स्थापना, स्वच्छता बनाए रखने और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के लिए पहले से विस्तृत योजना तैयार की जाए तथा जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएं।


उन्होंने कहा कि रैली के दौरान पेयजल, शौचालय, एंबुलेंस और चिकित्सकीय सहायता जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता होगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रतिभागियों को सही दिशा-निर्देश देने, भीड़ को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सहभागी संस्थानों के स्वयंसेवकों की टीमें तैयार की जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका से रैली के संचालन में अनुशासन और समन्वय बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, आयोजन स्थल और पूरे रैली मार्ग पर स्वच्छता के प्रति विशेष सजगता रखी जाएगी, ताकि महापर्व स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य का भी उदाहरण प्रस्तुत कर सके।


प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि इस महापर्व का उद्देश्य केवल एक भव्य रैली आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उनके विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करते हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के महत्व से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, सामाजिक संगठनों, प्रशासन, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से महापर्व को व्यापक जन-अभियान का स्वरूप दिया जा सकता है। इसके लिए सभी सहभागी संस्थाओं को आपसी समन्वय, सहयोग और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।



महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल राजेश त्यागी, एसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि महापर्व को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में उत्साह है। रैली के पूरे मार्ग पर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश गूंजेगा। यह रैली केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों तक राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय मूल्यों का संदेश पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रैली के व्यवस्थित और सुरक्षित संचालन के लिए सिविल डिफेंस की मदद से भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी। पूरे मार्ग पर पर्याप्त संख्या में साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि रैली से जुड़े आवश्यक संदेश, उद्घोषणाएं, अतिथियों के संबोधन के प्रमुख अंश और राष्ट्रभक्ति कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा सके।


बैठक में महापर्व की तैयारियों में पंवार वाणी फाउंडेशन, भारत विकास परिषद, मेरठ कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन, क्रीड़ा भारती, प्रबुद्ध सेवा संस्थान, वीर खालसा दल, कायस्थ महासभा, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, वासवी फाउंडेशन, बार एसोसिएशन, व्यापार संघ तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सहित विभिन्न संगठनों की सहभागिता और सहयोग पर भी चर्चा की गई। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि विश्वविद्यालय, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ‘अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकजुटता का व्यापक मंच बनेगा। आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्र समर्पण के विचारों को नई ऊर्जा के साथ प्रसारित करने का प्रयास किया जाएगा।

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