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Thursday, October 15, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में अब बिना पास और टोकन के नहीं मिलेगी एंट्री



स्टाफ के वाहनों के लिए अनिवार्य होगा पास, बाहरी वाहनों को मिलेगा टोकन; सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों को नहीं मिलेगा प्रवेश


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब विश्वविद्यालय परिसर में वाहनों का प्रवेश निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत ही हो सकेगा। विश्वविद्यालय के स्टाफ के वाहनों के लिए पास जारी किए जाएंगे, जबकि बाहरी वाहनों के प्रवेश के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी। बिना वैध वाहन पास अथवा निर्धारित टोकन के किसी भी वाहन को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


गुरुवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित सुरक्षा संबंधी बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा।


बिना अनुमति प्रवेश पर पूरी तरह रोक

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की पहचान और प्रवेश संबंधी विवरण सुनिश्चित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अपने वाहनों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पास बनवाना होगा। वहीं, बाहरी वाहनों को प्रवेश से पहले निर्धारित टोकन प्राप्त करना होगा। वैध पास या टोकन के अभाव में किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।


सुरक्षा गश्त बढ़ेगी, सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

बैठक में विश्वविद्यालय परिसर की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत सुरक्षा गार्डों की गश्त और सक्रियता बढ़ाई जाएगी, ताकि परिसर के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। जिन स्थानों पर अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, वहां कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इससे परिसर में आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य परिसर में अनुशासन बनाए रखने के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के तहत प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाया जाएगा।


सुरक्षा नियमों में नहीं बरती जाएगी कोई ढिलाई

कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि परिसर में प्रवेश किसी का अधिकार मानकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। प्रत्येक वाहन को निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।


बैठक में कुलसचिव अजय कृष्णा यादव, चीफ वार्डन प्रोफेसर दिनेश कुमार, सुरक्षा अधिकारी, सभी छात्रावासों के वार्डन, इंजीनियर मनीष मिश्रा, डॉ. दुष्यंत चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बिना वैध पास या टोकन के किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा। परिसर की सुरक्षा और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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