नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। इंदौर शहर सहित देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त बैंक खातों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच द्वारा OPERATION MATRIX के अंतर्गत लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त होने पर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा घेराबंदी कर संदिग्ध ललित उर्फ ऋषि सुतार को उसकी मोटरसाइकिल सहित पकड़ा गया।आरोपी की तलाशी लेने पर 21 बैंक पासबुक, 08 ATM कार्ड, 20 चेकबुक, 07 QR कोड एवं 01 HP कंपनी का लैपटॉप बरामद हुआ, जिन्हें विधिवत जप्त किया गया।
जप्त बैंकिंग दस्तावेजों के संबंध में आरोपी कोई संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पश्चात जप्त बैंक खातों का NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर परीक्षण किया गया, जिसमें विभिन्न खातों के संबंध में साइबर अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी की 50 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होना पाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त खातों का उपयोग लगभग 3 करोड़ से अधिक की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों में किया गया है। शिकायतों में निवेश संबंधी धोखाधड़ी, APK आधारित फ्रॉड, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी एवं अन्य साइबर अपराध शामिल पाए गए। इन शिकायतों का संबंध महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, बिहार, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से होना पाया गया।
उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी ललित उर्फ ऋषि सुतार के विरुद्ध धारा 318(4) BNS एवं धारा 66(C) IT Act के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
क्राइम ब्रांच द्वारा जप्त बैंक खातों के वास्तविक उपयोग, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, लैपटॉप में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के संचालन में शामिल अन्य व्यक्तियों तथा संभावित अंतर्राज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा OPERATION MATRIX के अंतर्गत साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स एवं अंतर्राज्यीय साइबर अपराध सिंडिकेट के विरुद्ध कार्यवाही लगातार जारी है।


No comments:
Post a Comment