डेटा एनालिटिक्स में दक्ष होंगे विद्यार्थी, एफईटी में तीन दिवसीय पावर बीआई कार्यशाला शुरू
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में विद्यार्थियों के तकनीकी एवं रोजगारपरक कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय पावर बीआई प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में विद्यार्थियों को डेटा विश्लेषण, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन तथा इंटरैक्टिव डैशबोर्ड डेवलपमेंट से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कार्यशाला का आयोजन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक डेटा एनालिटिक्स एवं बिजनेस इंटेलिजेंस तकनीकों से परिचित कराते हुए उन्हें उद्योग एवं रोजगार की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। इस अवसर पर डॉ. मनोज कपिल ने कहा कि आज के तकनीकी युग में डेटा केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य के निर्णयों और विकास की दिशा निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण संसाधन है। उन्होंने कहा कि पावर बीआई जैसे आधुनिक टूल्स विद्यार्थियों को डेटा को समझने, उसका विश्लेषण करने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता प्रदान करते हैं। डॉ. मनोज कपिल ने कहा कि फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।
कार्यशाला के प्रथम दिवस डॉ. श्रवण कुमार गर्ग, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग ने दोनों आमंत्रित अतिथि विशेषज्ञों का स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर श्री सौरभ गुप्ता एवं श्री उत्कर्ष उपाध्याय ने अतिथि विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों को पावर बीआई का प्रशिक्षण प्रदान किया। अतिथि विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पावर बीआई की मूलभूत अवधारणाओं के साथ-साथ डेटा विश्लेषण, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और बिजनेस इंटेलिजेंस की उपयोगिता एवं संभावनाओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि पावर बीआई के विभिन्न टूल्स एवं फीचर्स पर स्वयं कार्य करने का व्यावहारिक अवसर भी प्रदान किया गया।
प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण के प्रति विशेष रुचि दिखाई। आगामी सत्रों में विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य कराया जाएगा, ताकि वे सीखी गई तकनीकों का वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. आशिमा एवं डॉ. तरुण कुमार का महत्वपूर्ण योगदान एवं सहयोग रहा। उनके समर्पित प्रयासों और बेहतर समन्वय ने कार्यशाला को प्रभावी एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में रोजगारपरक एवं आधुनिक तकनीकी कौशल विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को डेटा एनालिटिक्स एवं बिजनेस इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में भविष्य के करियर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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