नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को बीएड छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर दिनभर धरना-प्रदर्शन चलता रहा। दो अलग-अलग कॉलेजों से जुड़े मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के बीच वार्ता के बाद सहमति बनने पर आंदोलन समाप्त हुआ।
पहला मामला ज्ञानस्थली विद्यापीठ, मोदीनगर, गाजियाबाद से जुड़ा है। बीएड सत्र 2022-2024 के छात्र-छात्राओं का आरोप है कि कोर्स पूरा होने के बाद भी कॉलेज द्वारा उनके आंतरिक मूल्यांकन के अंक विश्वविद्यालय को नहीं भेजे गए हैं, जिसके कारण उनका परीक्षा परिणाम और मार्कशीट जारी नहीं हो पा रही है।
इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय पर प्रदर्शन किया। छात्रों के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी की नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य एडवोकेट आदेश प्रधान के नेतृत्व में शिकांत गौतम, शान मुहम्मद, अक्षय बैसला, अनुज भड़ाना, सौरव गौतम, गौरव वर्मा जिला सचिव, सौरव जाटव और रोबिन जाटव ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मामला उठाया।
छात्र नेताओं के हस्तक्षेप के बाद कुलसचिव ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कॉलेज प्रबंधन को पत्र जारी कर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ विश्वविद्यालय में तलब किया और आंतरिक मूल्यांकन के अंक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कॉलेज प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि बीएड छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक सोमवार को विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दिए जाएंगे और सभी छात्र-छात्राओं की मार्कशीट तैयार कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं दूसरा मामला हस्तिनापुर एजुकेशन ऑफ एजुकेशन कॉलेज से जुड़ा है। विश्वविद्यालय द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कॉलेज की मान्यता समाप्त किए जाने के बाद वहां अध्ययनरत छात्रों को सुशील कॉलेज ऑफ एजुकेशन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को लेकर छात्र दिनभर धरने पर बैठे रहे।
इस मामले में दोनों कॉलेजों के मालिकों के बीच सहमति बनी कि स्थानांतरण के कारण किसी भी छात्र-छात्रा के साथ अन्याय नहीं होगा।
सहमति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. छात्रों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा।
2. फीस में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी, पूर्व निर्धारित फीस पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
3. पात्र छात्र-छात्राओं के स्कॉलरशिप फॉर्म भरवाए जाएंगे ताकि छात्रवृत्ति प्रक्रिया प्रभावित न हो।
आश्वासन मिलने के बाद हस्तिनापुर एजुकेशन कॉलेज के छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
छात्र नेताओं ने कहा कि दोनों मामलों में छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कॉलेज या प्रशासनिक स्तर की कमी का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासनों के पालन पर नजर रखी जाएगी। यदि निर्धारित समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो छात्रों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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