नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्त्री आर्य समाज, दयानंद पथ सदर में श्रावणी उपाकर्म के अवसर पर प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर जवाहर क्वार्टर A-10 निवासी रोहिताश्व कुमार अग्रवाल एडवोकेट के पूरे अग्रवाल परिवार ने आचार्य जगदीश के ब्रह्मत्व में यज्ञ संपन्न किया।
यज्ञ के उपरांत सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित अजय आर्य जी ने ईश्वर भक्ति से ओतप्रोत भजन 'इस पार भी वो है, उस पार भी वो है' से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात उन्होंने 'ऋषि दयानंद ने समझाया, पांच यज्ञों का करना, दीन दुखी और निर्बल जनों के कष्ट हमेशा हरना' भजन के माध्यम से पांच महायज्ञों के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि प्रत्येक गृहस्थी को यथाशक्ति पांच महायज्ञों को अवश्य करना चाहिए। इसके पश्चात आर्य जगत के उद्भट विद्वान आचार्य रणवीर शास्त्री जी ने यज्ञ के विषय में विशद चर्चा करते हुए श्राद्ध की वास्तविक परिभाषा बताई। उन्होंने कहा कि जो अपने वृद्ध माता-पिता की 51 वर्ष की आयु से लेकर पूरे मनोयोग से सेवा करे, वही सच्चा श्राद्ध कहलाता है। इस अवसर पर मधु गुप्ता, अपर्णा अग्रवाल, मणि गर्ग, विभा गुप्ता, अजीता राजवंशी, उषा एरन, मनाक्षी, विजय प्रेमी, राजेश सेठी, अशोक सुधाकर, अजय मित्तल सहित अनेक आर्यजन उपस्थित रहे।

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