खजराना गणेश मंदिर से लेकर मिलों और नगर निगम तक, धार्मिक प्रसंगों से लेकर विकास और सामाजिक सरोकारों पर आधारित होंगी झांकियां
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर इंदौर का प्रसिद्ध गणेश विसर्जन चल समारोह एक बार फिर धार्मिक आस्था, लोकपरंपरा, कला और सामाजिक संदेशों का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। शहर की विभिन्न गणेशोत्सव समितियों और संस्थानों की ओर से आकर्षक एवं स्वचलित झांकियों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें पौराणिक कथाओं, देवी-देवताओं की लीलाओं के साथ सामाजिक जागरूकता, महिला शक्ति, पर्यावरण, विकास और आधुनिक भारत की तस्वीर भी दिखाई जाएगी।
इस वर्ष खजराना गणेश मंदिर, हुकमचंद मिल, इंदौर विकास प्राधिकरण, राजकुमार मिल, छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला, मालवा मिल, स्वदेशी मिल, कल्याण मिल और नगर निगम की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
खजराना गणेश मंदिर : चंद्रमा पर विराजेंगे गणपति बप्पा, अंतरिक्ष से देंगे विश्व को आशीर्वाद
परंपरा के अनुसार इस बार खजराना गणेश मंदिर की ओर से निकलने वाली भव्य झांकी की परिकल्पना मंदिर और गणपति बप्पा की महिमा पर आधारित है। झांकी में भगवान गणेश को चंद्रमा पर विराजमान दर्शाया जाएगा।
झांकी की कल्पना के अनुसार गणपति बप्पा अंतरिक्ष से पूरे इंदौर शहर और संपूर्ण विश्व को आशीर्वाद देते नजर आएंगे। अंतरिक्ष और चंद्रमा की थीम को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि गणपति बप्पा की कृपा और आशीर्वाद संपूर्ण विश्व पर बना रहे।
भव्य गणेश प्रतिमा, अंतरिक्ष की पृष्ठभूमि और चंद्रमा का संयोजन झांकी को विशेष स्वरूप देगा।
हुकमचंद मिल : 103वें गणेशोत्सव में पहली बार तीन धार्मिक झांकियां
34 वर्षों से बंद हुकमचंद मिल परिसर में जनसहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने वाली हुकमचंद मिल सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति इस वर्ष गणेशोत्सव के 103वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति की ओर से इस बार पहली बार मिल परिसर में तीन भव्य धार्मिक झांकियां तैयार की जा रही हैं। झांकियों के साथ 10 अखाड़े भी शामिल होंगे।
एक झांकी के निर्माण में गोल्ड क्वाईन सेवा ट्रस्ट (श्री संजय अग्रवाल मित्र मंडल) का सहयोग प्राप्त हुआ है।
समिति के प्रधानमंत्री नरेन्द्र श्रीवंश के अनुसार झांकियों में पौराणिक कथाओं और धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
पहली झांकी : सिंदूरासुर वध
पहली झांकी भगवान गणेश द्वारा सिंदूरासुर वध के प्रसंग पर आधारित है। पौराणिक कथा के अनुसार सिंदूरासुर ने तपस्या से शक्तियां प्राप्त कर तीनों लोकों में आतंक मचा दिया था। उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान गणेश ने मयूर पर सवार होकर उससे युद्ध किया और उसका वध किया।
इसी प्रसंग से भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा जुड़ी मानी जाती है। झांकी में 4,500 बड़े रंगीन लैंप, 5,000 छोटी बत्तियों के साथ पार एवं मेटल लाइट का उपयोग किया जा रहा है।
दूसरी झांकी : बाली-सुग्रीव युद्ध
दूसरी झांकी रामायण के बाली-सुग्रीव प्रसंग पर आधारित है। इसमें दोनों भाइयों के बीच गलतफहमी से उत्पन्न विवाद, सुग्रीव की श्रीराम से मित्रता और अंततः श्रीराम द्वारा बाली वध के प्रसंग को दर्शाया जाएगा।
झांकी में युद्ध का दृश्य प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके लिए 4,500 बड़े लैंप, 4,000 छोटी बत्तियों के साथ पार एवं मेटल लाइट का उपयोग किया जा रहा है।
तीसरी झांकी : सावित्री-सत्यवान
तीसरी झांकी वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा पर आधारित है। इसमें सावित्री और सत्यवान की कथा, यमराज के साथ सावित्री का संवाद तथा अपने पति के प्राण वापस प्राप्त करने का प्रसंग दिखाया जाएगा। साथ ही वटवृक्ष के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
झांकियों का कला आकल्पन स्वाति दीपक लवंगडे द्वारा किया जा रहा है। रंग-रोगन, कलाकार्य, वेशभूषा, चलित कार्य और काष्ठ कला के लिए अलग-अलग कलाकारों की टीमें जुटी हैं। विद्युत सज्जा का कार्य श्री गणेश लाइट डेकोरेशन, इंदौर द्वारा किया जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष किशनलाल बोकरे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र श्रीवंश, स्वागताध्यक्ष प्रतिभानसिंह बुन्देला, कोषाध्यक्ष सुभाष सुरोसे सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं।
इंदौर विकास प्राधिकरण : सिटी फॉरेस्ट से शिव बारात और लक्ष्मी पूजा तक
इंदौर विकास प्राधिकरण की गणेशोत्सव झांकियां इस वर्ष 29वें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं। समिति की ओर से तीन झांकियां तैयार की जा रही हैं।
पहली झांकी : सिटी फॉरेस्ट
पहली झांकी इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे सिटी फॉरेस्ट की अवधारणा पर आधारित है। इसमें बच्चों के लिए उद्यान, ओपन ऑडिटोरियम सहित सिटी फॉरेस्ट में प्रस्तावित और विकसित सुविधाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
दूसरी झांकी : भगवान शिव की बारात
दूसरी झांकी भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग पर आधारित है। इसमें शिवजी की अनूठी बारात को दर्शाया गया है। भगवान शिव पारंपरिक दूल्हे के बजाय अपने अघोरी स्वरूप में दिखाई देंगे। शरीर पर भस्म, बाघ की खाल और उनके साथ भूत-प्रेत, अघोरी तथा साधु-संत बारात में शामिल होंगे।
इस बार पहली बार भगवान शिव की 18 फीट ऊंची पूर्ण स्वचलित प्रतिमा तैयार की गई है। बारात में अघोरी और साधुओं की स्वचलित प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण होगी।
तीसरी झांकी : लक्ष्मी पूजा
तीसरी झांकी माता लक्ष्मी की पूजा पर आधारित है। इसमें 10-10 फीट ऊंचे गजराज माता लक्ष्मी की पूजा करते दिखाई देंगे। बीच में कमल के फूल पर माता लक्ष्मी विराजमान होंगी। गजराज सहित झांकी के अन्य प्रमुख हिस्सों को स्वचलित बनाया गया है। झांकी में करीब 8,000 छोटे-बड़े बल्बों का उपयोग किया गया है।
कला आकल्पन: स्वाति दीपक लवंगडे
रंग-रोगन: अभिलाष हिंगे, ऋषाली लवंगडे, ऋत्विका लवंगडे
कलाकार्य: शैलेन्द्र मिस्त्री, पलाश दास, शम्भुनाथ मंडल
वेशभूषा: सेवाराम राठौर, प्रदीप राउत
चलित कार्य: विनायक वाघ, विश्वजीत नश्कर
काष्ठ कला: बप्पा दास, संजीव नश्कर, रिजू दास, बबुआ नश्कर
विद्युत सज्जा: श्री गणेश लाइट डेकोरेशन, 251-बी सुंदर नगर मेन
विद्युत कार्य: दिनेश देवांग, रमेश देवांग, गौरांश देवांग एवं ध्रुव देवांग
राजकुमार मिल : तीन धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां
राजकुमार मिल की झांकी का निर्माण गंजानंद डेकोरेटर एवं इवेंट, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। झांकी निर्माण में मुख्य कलाकार प्रवीण हरगांवकर, विनय हरगांवकर और श्रीमती यामिका हरगांवकर हैं। सहायक कलाकारों में दिनेश हरगांवकर, बन्टी अली, भूषण होलकर, धर्मेन्द्र बघेल, हितेश हरगांवकर और कुलदीप अहौरे शामिल हैं।
वेल्डिंग कार्य याशिन अली और पेंटिंग का कार्य राजेश सुखाड़िया द्वारा किया जा रहा है। विद्युत सज्जा वर्मा इलेक्ट्रिकल की टीम द्वारा की जा रही है, जिसमें अमृत वर्मा, भागीरथ वर्मा, चेतन वर्मा, आजाद वर्मा, नन्नु कुशवाह, प्रीतम कुशवाह और राजकुमार मोहने शामिल हैं।
पहली झांकी : भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
इस झांकी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा को आधार बनाया गया है। भगवान जगन्नाथ को नृत्य लीला करते हुए दर्शाया गया है।
दूसरी झांकी : विष्णु-मधु-कैटभ युद्ध
दूसरी झांकी में भगवान विष्णु और महापराक्रमी असुर मधु-कैटभ के युद्ध का प्रसंग दिखाया गया है। पौराणिक कथा के अनुसार मधु और कैटभ ने महामाया की तपस्या कर शक्तियां प्राप्त की थीं। झांकी में भगवान विष्णु का दोनों असुरों के साथ युद्ध आकर्षण का केंद्र रहेगा।
तीसरी झांकी : अशोक वाटिका
तीसरी झांकी रामायण के अशोक वाटिका प्रसंग पर आधारित है। इसमें माता जानकी और हनुमानजी के बीच संवाद को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
मालवा मिल : 92वें वर्ष में तीन झांकियां
न्यू देवास रोड स्थित मालवा मिल गणेशोत्सव समिति इस वर्ष अपने गणेशोत्सव के 92वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति द्वारा तीन झांकियां तैयार की गई हैं। इनमें एक बच्चों के लिए और दो धार्मिक विषयों पर आधारित हैं।
पहली झांकी : मछली जल की रानी है
पहली झांकी बच्चों के लोकप्रिय गीत 'मछली जल की रानी है' पर आधारित है। इसमें ऑक्टोपस को मछली का शिकार करते हुए और जलपरी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। साथ ही मछली, केकड़ा, कछुआ और छोटी-छोटी मछलियों को पानी में अठखेलियां करते हुए दर्शाया गया है। झांकी में 'मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है' गीत भी प्रस्तुत किया जाएगा।
दूसरी झांकी : चंद्रमा और रोहिणी का विवाह
दूसरी झांकी चंद्रमा और रोहिणी के विवाह प्रसंग पर आधारित है। झांकी के पहले भाग में नौ मटकियां लेकर नृत्य करती पुतलियों का दृश्य है। यह दृश्य 'आधा है चंद्रमा, रात आधी रह न जाए, तेरी-मेरी बात आधी' गीत की थीम पर आधारित है। दूसरे भाग में चंद्रमा और रोहिणी का स्वयंवर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया है।
तीसरी झांकी : शिव बारात
तीसरी झांकी भगवान शिव की बारात पर आधारित है। इसमें भगवान शंकर माता पार्वती से विवाह करने नंदी पर सवार होकर बारात लेकर जाते हुए दिखाई देंगे। बारात में ब्रह्मा-विष्णु-महेश सहित देवी-देवता, साधु-संत, भूत-पिशाच, राक्षस और नरकंकाल शामिल हैं। नारदजी बारात का उत्साह बढ़ाते हुए दिखाई देंगे। झांकी में 'चले हैं भोले बाबा ब्याह रचाने' गीत प्रस्तुत किया जाएगा।
इन झांकियों को करीब 5,000 बड़े बल्ब और 200 पार लाइटों से सजाया गया है।
अध्यक्ष: कैलाश कुशवाह
प्रधानमंत्री: राजेन्द्र मरमट
कोषाध्यक्ष: सुरेन्द्र शर्मा
मूर्तिकार: राकेश वर्मा
विद्युत सज्जा: श्याम इलेक्ट्रिक, नंदानगर
मैकेनिक: किशनलाल कुशवाह
पेंटर: सुरेश पाल
कारपेंटर: राजेश छैबला
वेल्डर: करण मकवाने
स्वदेशी मिल : नशामुक्ति से रुद्र अवतार और शुंभ-निशुंभ वध तक
स्वदेशी मिल्स गणेशोत्सव समिति इस वर्ष 97वां गणेशोत्सव मना रही है। मिल गेट पर विधि-विधान से गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ तीन स्वचलित झांकियां तैयार की गई हैं। इनमें दो झांकियां पौराणिक कथाओं पर आधारित हैं, जबकि पहली झांकी सामाजिक जागरूकता का संदेश देती है।
पहली झांकी : नशामुक्त हो भारत हमारा
इस झांकी के माध्यम से युवाओं में बढ़ती मादक पदार्थों, शराब और नशाखोरी की प्रवृत्ति के दुष्प्रभावों को दर्शाया गया है। झांकी के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वयं के साथ समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों से बचाने का संदेश दिया जाएगा।
दूसरी झांकी : रुद्र अवतार
दूसरी झांकी राजा दक्ष के यज्ञ और माता सती के आत्मदाह के प्रसंग पर आधारित है। कथा के अनुसार दक्ष ने यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया। इससे दुखी होकर माता सती ने यज्ञकुंड में अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसके बाद भगवान शिव ने रुद्र अवतार धारण किया और दक्ष की सेना का संहार किया।
झांकी में सती के वियोग में भगवान शिव द्वारा उन्हें लेकर ब्रह्मांड में विचरण करने तथा उनके अंग जहां-जहां गिरे, वहां शक्ति पीठों की स्थापना होने के प्रसंग को भी दर्शाया गया है।
तीसरी झांकी : शुंभ-निशुंभ वध
तीसरी झांकी देवी महात्म्य के शुंभ-निशुंभ वध प्रसंग पर आधारित है। इसमें शुंभ और निशुंभ द्वारा देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार करने और देवताओं द्वारा मां जगदम्बा का आह्वान करने की कथा को प्रस्तुत किया जाएगा। मां जगदम्बा द्वारा विभिन्न रूप धारण कर असुरों की सेना का संहार और अंत में शुंभ-निशुंभ के वध को झांकी में दर्शाया गया है।
झांकी निर्माण में इंदौर विकास प्राधिकरण, नगर निगम इंदौर, नंदानगर सहकारी साख संस्था तथा अन्य सहयोगियों का योगदान बताया गया है।
झांकी कलाकार: पप्पू बैरवा, नारायण कुशवाहा, इंदौर
विद्युत सज्जा: प्रकाश एवं नीरज देवांग, प्रकाश इलेक्ट्रिकल्स, इंदौर
झांकियों में करीब 30 हजार बड़े बल्बों के साथ विशेष लाइट इफेक्ट का उपयोग किया गया है।
अध्यक्ष: कन्हैयालाल मरमट
सचिव: चंपालाल वर्मा
कोषाध्यक्ष: हीरालाल वर्मा
उपाध्यक्ष: गेंदालाल वर्मा
कल्याण मिल : नारी शक्ति और भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
कल्याण मिल गणेशोत्सव समिति इस वर्ष अपनी गौरवशाली परंपरा के 97वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति की ओर से दो भव्य झांकियां तैयार की गई हैं।
पहली झांकी : नारी शक्ति
पहली झांकी राष्ट्र गौरव और भारतीय नारी शक्ति के शौर्य, सामर्थ्य एवं योगदान पर आधारित है। इसमें भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को अंतरिक्ष यान से उड़ान भरते हुए दर्शाया गया है। करीब आठ फीट ऊंची चलित प्रस्तुति में उनके अंतरिक्ष अभियान को प्रमुखता दी गई है।
पृष्ठभूमि में त्रिशूल धारण किए भारत माता का भव्य स्वरूप है। झांकी में महिला इंजीनियर, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कंप्यूटर इंजीनियर, किसान और मजदूर वर्ग की महिलाओं के योगदान को भी दर्शाया गया है।
इसके अलावा कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर देश की सीमा की रक्षा करते भारतीय सैनिकों, हेलीकॉप्टरों और सीमाओं की सुरक्षा में तैनात महिला प्रहरी को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
दूसरी झांकी : भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
दूसरी झांकी पुरी की प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा पर आधारित है। इसमें भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर विराजमान दिखाई देंगे।
रथ को छोटे बच्चों के साथ हाथी, शेर, हिरण और बंदर खींचते हुए दिखाई देंगे। गतिमान रथ के साथ एक हाथी अपनी सूंड से पुष्पवर्षा करता हुआ चलेगा। यात्रा के आगे ढोल, मंजीरे और शंखध्वनि के साथ पंडित द्वारा रथ यात्रा का स्वागत करते हुए दृश्य प्रस्तुत किया गया है।
कलाकारों ने करीब दो माह तक दिन-रात मेहनत कर इन झांकियों का निर्माण किया है।
अध्यक्ष: हरनाम सिंह धालीवाल
मुख्य कलाकार: अनवर भाई
सहायक: मनोज पेंटर, अयूब पठान, रवि चौहान, राजेश गोलिया
विद्युत सज्जा: विजय वर्मा, विजय इलेक्ट्रिक, दुर्गेश वर्मा, शैलेन्द्र वर्मा, विकास वर्मा, सागर कश्यप
छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला : रानीपुरा स्थित छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला की ओर से धार्मिक प्रसंगों की झांकियां तैयार की गई हैं।
पहली झांकी : भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
पहली झांकी भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा पर आधारित है। इसमें भगवान जगन्नाथ की नृत्य लीला को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
दूसरी झांकी : भगवान विष्णु और मधु-कैटभ युद्ध
दूसरी झांकी में भगवान विष्णु और असुर मधु-कैटभ के बीच हुए युद्ध को प्रदर्शित किया गया है। पौराणिक प्रसंग के अनुसार दोनों असुरों ने शक्ति प्राप्त कर देवताओं को चुनौती दी थी।


















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