विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताए आधुनिक फिजियोथेरेपी के आयाम, मुल्तान नगर में लगाया सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के ज्योतिराव फुले सुभारती कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में विभिन्न शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। दो दिवसीय कार्यक्रमों में निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर, रक्तदान, विशेषज्ञ व्याख्यान, विशेष संगोष्ठी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से फिजियोथेरेपी के महत्व और उपयोगिता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी की आवश्यकता और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी बढ़ती भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ उनकी जरूरत के अनुसार फिजियोथेरेपी सेवाएं प्रदान कीं। फिजियोथेरेपी की ओर से विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के ज्ञानवर्धन के लिए विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें खेलों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार, बचाव और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को खेल चिकित्सा के क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की संभावनाओं से भी अवगत कराया। वहीं विभाग कार्डियोपल्मोनरी फिजियोथेरेपी की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। आयोजन के माध्यम से मानव सेवा के साथ विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की सहायता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के मुख्य अवसर पर न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। डॉ. स्मृति गुप्ता, डॉ. अभिनव बंसल, डॉ. विवेक तोमर और डॉ. मेधा गोयल (एसएमसी) ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए। वक्ताओं ने मरीजों के पुनर्वास, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के उपचार तथा जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों के लिए ज्ञानवर्धक रही।
इसी क्रम में मस्कुलोस्केलेटल फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से मुल्तान नगर में सामुदायिक फिजियोथेरेपी शिविर लगाया गया। स्थानीय निवासियों की स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर उन्हें आवश्यक फिजियोथेरेपी सेवाएं एवं परामर्श दिया गया। लोगों को नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और समय पर फिजियोथेरेपी कराने के लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) अमित कुमार गोयल, प्रो. (डॉ.) शिखा सिंह, प्रो. राजकुमार मीणा, प्रो. (डॉ.) डेनिश नौमान, डॉ. सुरंदर कुमार, डॉ. गौरव प्रताप त्यागी, डॉ. कायनात हसन, डॉ. रितिका मणि, डॉ. कपिल रस्तोगी एवं डॉ. दामिनी सहित अन्य फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने सभी कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर कॉलेज की ओर से “फिजियोथेरेपी—जीवन के वर्षों में जीवन जोड़ने का माध्यम” का संदेश दिया गया। आयोजन के माध्यम से यह बताया गया कि फिजियोथेरेपी केवल बीमारी या चोट के उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्ति को दोबारा सक्रिय, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सुभारती विश्वविद्यालय के इन कार्यक्रमों ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया


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