Tuesday, September 8, 2026

भोपाल में लाठीचार्ज के विरोध में इन्दौर में डाक्टरों का प्रदर्शन, ओपीडी बंद, इंटर्न बोले- स्टाइपेंड बढ़ाएं, दोषियों को सस्पेंड करें

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिद्धू ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन भोपाल में उनके खिलाफ वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इसे गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।


भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को एमवाय अस्पताल में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी में मरीजों को सेवाएं दीं। इसके बाद ओपीडी सेवाएं बंद कर विरोध शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन के चलते अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुई।


सभी डॉक्टर थे असामाजिक तत्व नहीं

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले सभी डॉक्टर थे, कोई असामाजिक तत्व नहीं। डॉक्टरों ने मांग की है कि इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाया जाए और भोपाल में लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जाए। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।

देश में सबसे कम 14,337 रुपए स्टाइपेंड

इंटर्न डॉक्टर रिंकू वर्मा ने बताया कि वर्तमान में उन्हें 14,337 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है। उनके मुताबिक यह देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में मेडिकल शिक्षा की फीस कम होने के बावजूद इंटर्न डॉक्टरों को अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। भोपाल में प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।


उनके मुताबिक लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई इंटर्न घायल हुए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिन-रात अस्पताल में ड्यूटी कर मरीजों की सेवा करते हैं, इसलिए अपनी जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर ऐसी कार्रवाई रचित नहीं है। डॉक्टरों ने सरकार से स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी और भोपाल की घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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