-650 दुकानों का बनेगा नया कॉम्प्लेक्स, नगर निगम के ऑफिस के पीछे बन रहा मॉडल कॉम्प्लेक्स
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट में ध्वस्त हुई दुकानों
के व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। भाजपा जनप्रतिनिधियों और
प्रशासन ने प्रभावित व्यापारियों को सरकारी जमीन पर लीज पर दुकानें देने की योजना
तैयार की है।
जनप्रतिनिधियों के मुताबिक शहर में आवास विकास, नगर निगम और एमडीए की जमीनों
पर करीब 650 दुकानें तैयार कर पीड़ित व्यापारियों को आवंटित की जाएंगी। इसके लिए 6
महीने का समय तय किया गया है। इससे पहले प्रभावित व्यापारियों का सर्वे कराया गया
है, ताकि उन्हें उनके पुराने कारोबार के नजदीक ही नया स्थान मिल सके।
1000 गज में 72 दुकानों का मॉडल कॉम्प्लेक्स तैयार
योजना के तहत नगर निगम अपने नए कार्यालय के पीछे एक चार मंजिला मॉडल
कॉम्प्लेक्स बना रहा है, जिसका निर्माण अंतिम चरण में है। यह कॉम्प्लेक्स 1000 गज
से अधिक जमीन पर बन रहा है और इसमें 72 दुकानें होंगी। इन दुकानों को सेंट्रल
मार्केट और शास्त्री नगर के प्रभावित व्यापारियों को दिया जाएगा। भविष्य में बनने
वाले सभी कॉम्प्लेक्स इसी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। बंद पड़ी गोल मार्केट की
जमीन पर भी इसी तर्ज पर नया कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है।
पार्किंग से लेकर फायर सेफ्टी तक पूरी सुविधा
नए कॉम्प्लेक्स में व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया
है।
- पार्किंग:
बेसमेंट में पार्किंग के साथ ही परिसर के बाहर खुली पार्किंग की व्यवस्था
होगी, ताकि लोडिंग-अनलोडिंग में दिक्कत न हो।
- सुरक्षा:
हर दुकान में फायर एक्सटिंग्विशर, हर फ्लोर पर अग्निशमन उपकरण और फायर पाइप
की फिटिंग की जा रही है।
- बिजली:
हादसों से बचाव के लिए पूरे कॉम्प्लेक्स में बिजली सप्लाई अंडरग्राउंड रखी
जाएगी, खुले तार नहीं होंगे।
जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा
सांसद अरुण गोविल ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान है, लेकिन
व्यापारियों का रोजगार बचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। सरकार व्यापारियों के हित
में काम कर रही है।"
राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने कहा, "सेंट्रल मार्केट मेरठ का प्रमुख
बाजार रहा है। नए कॉम्प्लेक्स से बाजार पहले से बेहतर सुविधाओं के साथ दोबारा खड़ा
होगा। जिनकी दुकानें गई हैं, उन सभी को दुकान मिलेगी।"
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया, "नगर निगम का एक परिसर लगभग तैयार है।
अन्य प्रस्तावित स्थलों पर भी जल्द काम शुरू होगा। आवंटन पूरी तरह नियमानुसार और
निर्धारित मानकों के तहत किया जाएगा।"

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