नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की जयंती के अवसर पर सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर स्थित शहीद भगत सिंह जी की प्रतिमा पर कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके साथ ही परिसर में स्थापित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर उनके योगदान का स्मरण किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि शहीद भगत सिंह जी का जीवन देशभक्ति, साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की अद्वितीय प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने अपने विचारों और कर्मों से युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक चेतना और परिवर्तन की भावना जागृत की। उनका जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। कुलपति ने कहा कि भगत सिंह जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके विचारों में राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगत सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करें तथा शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों से विद्यार्थियों को परिचित कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि युवा पीढ़ी देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर विकसित और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दे सके।
कुलपति ने कहा कि शहीद भगत सिंह जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनके विचार हमें अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने, सत्य एवं सिद्धांतों के प्रति दृढ़ रहने और समाज एवं राष्ट्र के हित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें महापुरुषों को केवल उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर स्मरण करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर कुलसचिव अजय कृष्णा यादव, प्रोफेसर कृष्ण कांत शर्मा, प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा, प्रोफेसर विग्नेश कुमार त्यागी, प्रोफेसर जमाल अहमद सिद्दीकी, डॉ. विवेक कुमार त्यागी, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. ओमपाल शास्त्री, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, इंजीनियर मनोज कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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