मनमोहन भल्ला
नित्य संदेश, मेरठ। छावनी परिषद मेरठ द्वारा संचालित पुस्तकालय को अब डिजिटल लाइब्रेरी में तब्दील कर दिया गया है। कैंट बोर्ड सीईओ और राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के संयुक्त प्रयास से जिज्ञासु छात्रों के अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उनकी सांसद निधि से पुस्तकालय में 19 कंप्यूटर और कुछ पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिस पर लगभग 20 लाख रुपये का खर्च आया है। वहीं भवन के सौंदर्यीकरण और अन्य खर्च कैंट बोर्ड द्वारा वहन किए गए हैं।
कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि मेरठ छावनी परिषद द्वारा संचालित प्यारे लाल चिरंजी कैंटोनमेंट सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना 05 अप्रैल 1953 को की गई थी। इसमें अभी तक समाचार पत्र, पत्रिकाएं, साहित्य, उपन्यास एवं ऐतिहासिक किताबें पढ़ने की सुविधा थी। अब इसे वर्तमान की आवश्यकता और छात्रों के लिए उपयोगी बनाने हेतु डिजिटल लाइब्रेरी में परिवर्तित किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत सामान्य लाइब्रेरी के साथ-साथ डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 18 कंप्यूटर सीट और 08 रीडिंग सीट की व्यवस्था बढ़ाई गई है। लाइब्रेरी में 1013 फिजिकल किताबें और 323 डिजिटल किताबों के साथ इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही सशुल्क फोटोकॉपी की सुविधा के अलावा निशुल्क एसी, सीसीटीवी, आरओ पानी और कॉफी मशीन की सुविधा भी दी गई है।
रजिस्ट्रेशन और शुल्क प्रस्तावित
पुस्तकालय की सुविधाएं प्राप्त करने के लिए छात्रों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए लगभग 2000 रुपये सिक्योरिटी राशि के रूप में प्रस्तावित है, जो बाद में रिफंड कर दी जाएगी। इसके अलावा लगभग 500 रुपये मासिक शुल्क तय किया जाना प्रस्तावित है। डिजिटल पेज की फोटोकॉपी 3 रुपये प्रति पेज के शुल्क पर उपलब्ध होगी। इन सभी विषयों पर चर्चा आगामी बोर्ड बैठक में की जाएगी।
इस संबंध में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सीईओ जाकिर हुसैन, कार्यालय अधीक्षक जयपाल तोमर, एई पीयूष गौतम, सीए सुधीर कुमार, जेई अरविंद गुप्ता, वरिष्ठ लिपिक दिनेश अग्रवाल, राजस्व अधीक्षक हितेश कुमार, सफाई अधीक्षक वीके त्यागी, सफाई निरीक्षक अभिषेक गंगवार और सीईओ सिक्योरिटी हेड अकरम आदि उपस्थित रहे।
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