एक की जगह लगेंगे दस पौधे, वन विभाग करेगा इनका भौतिक सत्यापन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (शहरी) यानि सीएम ग्रिड योजना के तहत भले ही शहर की कई सड़कों को खूबसूरत बनाया जा रहा हो, लेकिन यह खूबसूरती शहर की हरियाली पर भारी पड़ रही है। हालांकि, वन विभाग ने इस हरियाली को संरक्षित करने का जिम्मा नगर निगम को सौंप दिया है।
शहरी क्षेत्र की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार एवं
पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस
योजना की शुरुआत की। अगले 15 सालों तक मेंटेनेंस फ्री आधारित इन सड़कों को चौड़ा
करने के लिए सैकड़ो पेड़ों को काटा जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, शहर में इन
सड़कों पर जितने पेड़ काटे जाएंगे, उनकी भरपाई एक की जगह 10 पेड़ लगाकर की जाएगी
और इसकी जिम्मेदारी नगर निगम उठाएगा। प्रभागीय निदेशक वंदना फोगाट के अनुसार, मेरठ
की विभिन्न सड़कों पर जितने पेड़ कटेंगे उसे 10 गुना अधिक पेड़ नगर निगम द्वारा
लगाए जाएंगे। विभागीय अधिकारी बाकायदा निगम द्वारा लगाए गए पौधों का भौतिक
निरीक्षण करेगा।
कटे हुए पेड़ों का संरक्षण जरूरी
दरअसल, सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत बन रहीं सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान बाधित
पेड़ों को काटने और फिर उनके संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार एवं शहरी सड़क और अवसंरचना
विकास एजेंसी (यूआरआईडीए) ने कड़े नियम तय किए हैं। वन विभाग के अनुसार, मेरठ में पूर्व
में जिन 249 पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई थी, नगर निगम उसकी जगह 2490 पौधे रोपेगा
और उनका वन विभाग उनका भौतिक सत्यापन भी करेगा।
ट्री ट्रांसप्लांटेशन पर भी फोकस
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान ट्री ट्रांसप्लांटेशन (पेड़ प्रत्यारोपण)
पर भी फोकस किया जा रहा है। यानि कि यदि संभव हो तो पेड़ को पूरी तरह से काटने के बजाय
उसे जड़ सहित किसी अन्य स्थान पर प्रत्यारोपित किया जा सके।
कमिश्नरी चौराहे से सर्किट हाउस तक 160 पेड़
सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत जिन सड़कों पर पेड़ काटे जाएंगे, उनमें अकेले 160 पेड़ कमिश्नरी चौराहे से सर्किट हाउस वाली रोड पर लगे हुए हैं। इसके अलावा रंगोली मंडप से हापुड़ अड्डे तक 61 पेड़ लगे हुए हैं, जिन्हें काटा जाना है, जबकि कमिश्नरी चौराहे से बच्चा पार्क तक 28 पेड़ों को काटा जाएगा। कुछ मार्गों पर पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है, जबकि कुछ पर शुरू होना बाकी है।

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