मूट कोर्ट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, पावनी अरोड़ा बनीं छात्र समन्वयक
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सरदार पटेल सुभारती विधि संस्थान में मूट कोर्ट एसोसिएशन की वर्ष 2026-27 की नवीन कार्यकारिणी का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चुनाव सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक जस्टिस राजेश चंद्रा (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, उत्तर प्रदेश) के निर्देशन तथा संस्थान की संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
मूट कोर्ट एसोसिएशन की शिक्षक समन्वयक डॉ. आफरीन अलमास एवं पार्थ मल्होत्रा के समन्वय में इस वर्ष 12 पदों के लिए कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए। विद्यार्थियों के चयन के लिए विभिन्न समसामयिक विषयों पर आधारित एक्सटेम्पोर (तात्कालिक भाषण) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, विषय की समझ, अभिव्यक्ति कौशल, आत्मविश्वास तथा समसामयिक मुद्दों के प्रति उनकी समझ का मूल्यांकन किया गया। एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अनुराग चौधरी एवं पार्थ मल्होत्रा शामिल रहे। विद्यार्थियों के प्रदर्शन, पूर्व गतिविधियों और शैक्षणिक उपलब्धियों को आधार बनाकर विभिन्न पदों के लिए योग्य विद्यार्थियों का चयन किया गया।
मूट कोर्ट एसोसिएशन के छात्र समन्वयक पद पर बीए एलएलबी चतुर्थ वर्ष की छात्रा पावनी अरोड़ा का चयन किया गया। उनके पूर्व मूट कोर्ट अनुभव, एसोसिएशन की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता तथा शैक्षणिक प्रदर्शन को चयन का आधार बनाया गया। सचिव पद पर बीए एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र प्रीत का चयन हुआ। वहीं संयुक्त सचिव के दो पदों पर साधिका बंसल एवं लक्ष्य गुप्ता चुने गए।
कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों के रूप में वैदेही पालिवाल, सानिया अंसारी, उज़्बा, गानिया ज़फ़र, शेख़ साहिल, श्रेयांश गुप्ता, कृष्णा मलिक एवं राघव प्रताप सिंह का चयन किया गया। नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए जस्टिस राजेश चंद्रा ने कहा कि नवचयनित सदस्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध, विधिक ज्ञान के व्यावहारिक विकास तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से उनके व्यक्तित्व और विधिक कौशल का विकास होगा तथा सुभारती लॉ कॉलेज एवं विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी और मजबूत होगी।
विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने मूट कोर्ट एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विधि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में तर्क, विश्लेषण, प्रभावी अभिव्यक्ति और न्यायिक दृष्टिकोण विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट जैसी अकादमिक गतिविधियां विद्यार्थियों को वास्तविक न्यायिक एवं विधिक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि नवगठित टीम पूरी निष्ठा एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी सुभारती विधि संस्थान में विधिक शिक्षा, शोध एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण की संस्कृति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई ने नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी सदस्य मूट कोर्ट एसोसिएशन से जुड़े दायित्वों का ईमानदारी, लगन और सत्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं, वाद-विवाद, शोध एवं अन्य अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) प्रेमचंद, डॉ. सारिका त्यागी, सोनल जैन, शिवानी, मानसी, अनुराग, हर्षित, डॉ. अंजुम जहां, शालिनी गोयल एवं आशुतोष देशवाल सहित संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। नवगठित कार्यकारिणी ने विश्वविद्यालय एवं संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मूट कोर्ट एसोसिएशन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने का संकल्प लिया। साथ ही विद्यार्थियों को विधिक एवं अकादमिक मंचों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
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