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Tuesday, September 1, 2026

युवाओं को भा रही मशरूम की खेती, मेरठ में सात नई यूनिटों की मांग

 


-दो लाख की लागत वाले प्रोजेक्ट पर एक लाख की सब्सिडी दे रही सरकार


लियाकत मंसूरी

नित्य संदेश, मेरठ। खेती में कुछ नया करने की चाह रखने वाले मेरठ के युवाओं का रुझान अब मशरूम उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। कम जगह में बेहतर उत्पादन और सरकार की अनुदान सुविधा ने मशरूम यूनिट को युवाओं के लिए रोजगार का नया विकल्प बना दिया है।


योगी सरकार की राष्ट्रीय एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लेकर युवा खेती के साथ उद्यमिता की राह पकड़ रहे हैं। युवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला उद्यान विभाग ने इस बार सात नई मशरूम इकाइयों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से दो तरह की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। छोटे उत्पादकों और किसानों के लिए लो कॉस्ट मशरूम प्रोडक्शन यूनिट तथा बड़े स्तर पर उत्पादन करने वालों के लिए मशरूम कल्टीवेशन हाईटेक यूनिट योजना है। दोनों योजनाओं में सरकार की ओर से अनुदान देकर किसानों और युवाओं को उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।


हाईटेक यूनिट पर 12 लाख का अनुदान

मशरूम कल्टीवेशन हाईटेक यूनिट के तहत मेरठ में पांच इकाइयां पहले से संचालित हैं। शासन ने हाल ही में इस परियोजना की लागत सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है। परियोजना के लिए ऋण सुविधा के साथ 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे अधिकतम अनुदान की राशि आठ लाख से बढ़कर 12 लाख रुपये हो गई है। इससे बड़े स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले युवाओं के लिए निवेश का रास्ता आसान हुआ है।


200 वर्ग फीट में भी शुरू करें मशरूम उत्पादन

छोटे स्तर पर उत्पादन करने वालों के लिए लो कॉस्ट मशरूम प्रोडक्शन यूनिट खास आकर्षण बन रही है। महज 200 वर्ग फीट यानी 20×10 फीट क्षेत्र में यूनिट स्थापित की जा सकती है। सरकार ने इसकी परियोजना लागत दो लाख रुपये निर्धारित की है, जिस पर 50 प्रतिशत यानी एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। कम जगह और सीमित निवेश में शुरुआत होने के कारण यह योजना खासकर युवाओं को आकर्षित कर रही है।


जिला उद्यान अधिकारी ने ये कहा

जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन के लिए करीब 30 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। इसके लिए सितंबर से 15 मार्च तक का समय उपयुक्त रहता है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से इस वर्ष तीन लो कॉस्ट मशरूम यूनिट लगाने का लक्ष्य मिला था। युवाओं की मांग को देखते हुए विभाग ने इसके अतिरिक्त तीन और लो कॉस्ट यूनिट तथा चार हाईटेक मशरूम यूनिट के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद मेरठ में मशरूम उत्पादन का दायरा बढ़ जाएगा।

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