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Wednesday, September 2, 2026

भाकियू का कमिश्नरी घेराव आश्वासन पर स्थगित, 6 घंटे चली मैराथन वार्ता

 


-मंडलायुक्त के नेत्तृव में हुई बैठक, 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सभा में पहुंचा


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन का कमिश्नरी घेराव आंदोलन देर रात से बुधवार सुबह 7 बजे तक चला। मंडलायुक्त भानु गोस्वामी के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच लगभग 6 घंटे तक चली मैराथन वार्ता के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया।


बताया गया कि भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के आह्वान पर मंगलवार को कमिश्नरी गेट पर घेराव महापंचायत का आयोजन किया गया था। महापंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घोषणा की कि किसानों की वार्ता मंडलायुक्त के नेतृत्व में ही होगी, अन्यथा 72 घंटे तक धरना चलेगा और तीसरे दिन रात्रि पंचायत होगी। किसानों की जिद के बाद मंडलायुक्त भानु गोस्वामी ने देर रात्रि वार्ता का आमंत्रण दिया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कमिश्नरी सभागार में वार्ता के लिए पहुंचा। वार्ता में मंडलायुक्त भानु गोस्वामी के नेतृत्व में अपर मंडलायुक्त अमित कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी नूपुर गोयल, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा बीबी मूर्ति, ऊर्जा प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता, एमडीए वीसी संजय मीणा, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एडीएम प्रशासन, जिला गन्ना अधिकारी, उप गन्ना आयुक्त सहित लगभग 30 जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जगत सिंह, देशपाल, अनूप, सत्येंद्र, हर्ष चाहल, रामफल शर्मा, नरेश मवाना, मोनू टिकरी, सुनील, सत्ते, अभिषेक, महिपाल, जसबीर, मनोज आदि मौजूद रहे।


मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

वार्ता के दौरान मंडलायुक्त भानु गोस्वामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए। जायज शिकायतों का समाधान न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


अधिकारी नहीं कर रहे समस्याओं का समाधान

रात्रि फेस ट्यूबवेल लाइट और टॉप बोरर तितली निवारक लाइट के संबंध में जिला कृषि अधिकारी व जिला गन्ना अधिकारी के सुझाव पर शासन को पत्र लिखा जाएगा, जिसकी पैरवी स्वयं प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता करेंगे। लगभग रात 12:30 बजे वार्ता समाप्त हुई। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि अधिकारी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं, इसलिए कमिश्नरी आना पड़ा। उन्होंने मंडलायुक्त का आभार जताया। इसके बाद तय हुआ कि एडीएम सिटी किसानों के बीच जाकर सभी घोषणाएं करेंगे।


पहुंच गए थे सैकड़ों ट्रेक्टर और हजारों किसान

घोषणा में देरी होने पर सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ लगभग एक हजार किसान रात भर कमिश्नरी के सामने सड़क पर ही लेटे रहे और वहीं भोजन किया। बुधवार सुबह करीब 7-8 बजे एडीएम सिटी बृजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक भोसले ने मौके पर पहुंचकर सभी निर्णयों की घोषणा की। इस पर जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि यदि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन दोगुनी ताकत के साथ फिर कमिश्नरी आएगा। इसके बाद धरना स्थगित किया गया। सुबह 9 बजे तक किसान कमिश्नरी गेट पर मौजूद रहे। टेंट उतारने के बाद सभी किसान वापस लौट गए।


वार्ता में लिए गए प्रमुख निर्णय

बिजली विभाग से संबंधित: बड़े लोड के मामलों में पिछले 6 माह के आधार पर जांच कर जायज पाए जाने पर लोड घटाए जाएंगे और पेनल्टी की राशि सिक्योरिटी में जोड़कर बिल में एडजस्ट की जाएगी। ट्रांसफार्मर फुंकने पर 2 से 3 दिन में न बदले जाने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। तार चोरी की घटनाओं पर एक सप्ताह में नए तार डाले जाएंगे और ऐसी घटनाओं में किसान की तहरीर पर थाने में रिपोर्ट दर्ज होगी। जर्जर तार बदले जाएंगे।


खाद-बीज व समिति: खाद समितियों में ब्याज व खाद वितरण की जांच अपर मंडलायुक्त अमित कुमार करेंगे। 3 प्रतिशत से अधिक ब्याज वसूली वापस कराई जाएगी। मानक के अनुसार, डीएपी खाद सीडीओ की निगरानी में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।


गन्ना भुगतान: किनौनी शुगर मिल का बकाया भुगतान हर हाल में नए पेराई सत्र शुरू होने से 10 दिन पहले कराया जाएगा। बुजुर्ग व असहाय किसानों का बॉन्ड बदलवाने के लिए डीसीओ लखनऊ जाएंगे। प्रमुख सचिव गन्ना से किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात सत्र शुरू होने से पहले सुनिश्चित कराई जाएगी।


अन्य ग्रामीण समस्याएं: पांच नए तालाबों की सफाई, नारंगपुर आयुष्मान मंदिर में डॉक्टर की व्यवस्था, पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता और लम्पी रोग की वैक्सीन प्राथमिकता से लगाने, जाटोली व नंगला ताशी में नाला पुनर्निर्माण, खस्ताहाल ग्रामीण सड़कों को इसी वित्तीय वर्ष में बनाने, खटकी में तीन साल पुराने पारिवारिक झगड़े में गुंडा एक्ट न लगाने, लहरा गांव के तालाब में मछली पालन न कराने और वीर नगर के वर्षों पुराने पट्टों के मुकदमों का गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।

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