-आधा दर्जन लोगों की हत्या के आरोप में हुई थी कैद, आगरा से मेरठ तक स्वागत
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चर्चित भीकुंड-इकवारा नरसंहार कांड में 6 लोगों की हत्या के जुर्म में
उम्रकैद की सजा पाए श्रीराम जाटव की करीब 30 साल बाद आगरा सेंट्रल जेल से रिहाई हो
गई है। सजा पूरी होने पर उसे जेल से आजादी मिली। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने
फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया और आगरा से मेरठ तक जुलूस निकाला गया।
बतादे कि कई दशक पूर्व हस्तिनापुर क्षेत्र के गंगा खादर में श्रीराम गैंग और
किरोड़ी गुर्जर गैंग के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष चल रहा था। आरोप है कि
वर्ष 1997 में किरोड़ी गुर्जर गैंग ने इकवारा के जंगल में छह लोगों की गला रेतकर
हत्या कर दी थी। इसके बदले में भीकुंड-इकवारा नरसंहार हुआ, जिसमें श्रीराम जाटव पर
किरोड़ी गैंग के छह लोगों की हत्या का आरोप लगा। अदालत ने श्रीराम को उम्रकैद की
सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था। सजा मिलने के बाद श्रीराम
आगरा के केंद्रीय कारागार में बंद था। आगरा कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, श्रीराम
जाटव ने न्यायालय से निर्धारित 30 वर्ष की सजा पूरी कर ली थी, जिसके बाद उसे रिहा
किया गया।
'मैं पहले भी समाज के लिए लड़ा था...'
रिहाई के बाद 17 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें
श्रीराम कह रहा है कि "मैं पहले भी समाज के लिए लड़ा था और आगे भी लड़ता
रहूंगा"। स्वागत जुलूस में 'भारत सरकार' लिखी गाड़ी भी दिखाई देने की चर्चा
है। वायरल वीडियो के बाद पुलिस और एलआईयू अलर्ट मोड पर आ गई है।
ये कहना है अधिकारियों का
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने रिहाई की पुष्टि की है, जबकि आगरा डीसीपी सिटी सैयद
अली अब्बास का कहना है कि स्वागत की पुष्टि हुई है, लेकिन जुलूस की बात जांच में
सामने नहीं आई है।
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