-सेंटल मार्केट प्रकरण को लेकर आवास विकास कार्यालय पर किया गया प्रदर्शन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर बुधवार को आहूत मेरठ बंद का शहर में
मिला-जुला असर देखने को मिला। बारिश के बावजूद व्यापारी और उनके समर्थक सड़कों पर
जुटे रहे। शास्त्रीनगर की गुरुद्वारा रोड पर सुबह से ही करीब 500 लोगों की भीड़
जमा हो गई, जबकि आवास विकास परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन के लिए शहर के साथ-साथ
ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे।
रवींद्र गुर्जर की अध्यक्षता में चल रहे प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने
सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों
ने "योगी तेरे राज में, कटोरा आ गया हाथ में" के नारे लगाए।
ट्रैक्टर के बोनट पर खड़े होकर संघर्ष समिति के सदस्यों ने लोगों को संबोधित किया।
दोपहर में तेज बारिश के कारण चल रही महापंचायत को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। भीड़
कुछ कम हुई, लेकिन जो लोग मौके पर डटे रहे, उन्होंने छाता लगाकर सड़क पर बैठकर
प्रदर्शन जारी रखा। कई प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर पर भी छाता लगा लिया। सिख समाज
की ओर से प्रदर्शन स्थल पर आए लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई। बड़ी
संख्या में प्रदर्शनकारी आवास विकास परिषद कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। सूचना
मिलते ही कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इसके चलते कार्यालय के कर्मचारी अंदर ही फंस गए, जो बालकनी से प्रदर्शन देखते नजर
आए।
आईएमए का समर्थन, ओपीडी बंद, इमरजेंसी चालू
मेरठ बंद को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने भी समर्थन
दिया है। आईएमए अध्यक्षा डॉ. मनीषा त्यागी ने बताया कि बुधवार को ओपीडी सेवाएं बंद
रही, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं और भर्ती मरीजों का इलाज पूर्व की तरह जारी रहा। बंद
के चलते शहर के कई निजी स्कूलों, विशेषकर ब्रह्मपुरी और माधवपुरम क्षेत्र के
स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर छुट्टी की सूचना दी, हालांकि जिला विद्यालय
निरीक्षक की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया।
सियासी समर्थन और व्यापारियों की शपथ
प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी और पथिक सेना के
राष्ट्रीय अध्यक्ष व सपा नेता मुखिया गुर्जर ने भी मौके पर पहुंचकर समर्थन दिया।
वहीं माधवपुरम से आए व्यापारियों ने 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट न देने
की शपथ ली। बंद को देखते हुए पुलिस ने प्रमुख बाजारों और मार्गों पर अतिरिक्त बल
तैनात किया है।
व्यापारियों में बंद को लेकर रहा मतभेद
सीओ और एसपी स्तर के अधिकारियों ने क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए
रखी। बंद को लेकर व्यापारिक संगठनों में एक राय नहीं दिखी। संयुक्त व्यापार संघ, कैमिस्ट
एसोसिएशन और सर्राफा एसोसिएशन जैसे बड़े संगठनों ने खुद को इस बंद से अलग रखा।
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