नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जनपद में अनधिकृत यात्री वाहनों, विशेषकर अवैध बसों के संचालन पर अंकुश लगाने के लिए चलाया गया तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान "ऑपरेशन कवच 2.0" सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 07 से 09 सितंबर तक चले अभियान में कुल 18 वाहन जब्त किए गए और 32 वाहनों के चालान किए गए। विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वैध परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना था।
रात्रि चेकिंग में रही विशेष सक्रियता
अभियान की अंतिम रात्रि को विभाग ने विशेष चेकिंग की। इस दौरान 5 वाहन जब्त किए गए तथा 11 वाहनों का विभिन्न धाराओं में चालान किया गया। बसों के परमिट, फिटनेस, कर भुगतान, चालक के दस्तावेज और बस बॉडी कोड के मानकों की गहन जांच की गई। गंभीर अनियमितता मिलने पर वाहनों को तत्काल निरुद्ध किया गया संयुक्त अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विकास यादव तथा यात्री कर अधिकारी नीलम ने किया। कार्रवाई में यूपी रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक और यातायात निरीक्षक/उप निरीक्षक की टीम भी शामिल रही। तीनों दिन दिन और रात दोनों पालियों में चेकिंग जारी रही।
विभाग ने दी सख्त चेतावनी
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कोई भी निजी वाहन किराए या भाड़े पर नहीं चलाया जा सकता। बिना वैध परमिट, फिटनेस और कर भुगतान के यात्री ढुलाई पूर्णतः अवैध और दंडनीय है। पर्यटन परमिट या अन्य श्रेणी के वाहनों का स्टेज कैरिज की तरह उपयोग भी गंभीर अपराध है। बस संचालकों के लिए सुरक्षा मानक अनिवार्य किए गए हैं। बस बॉडी कोड का पालन, सीटों में मनमाना बदलाव न करना, सुगम निकास द्वार, कार्यशील अग्निशामक यंत्र और अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होंगे। चालक के पास वाणिज्यिक वाहन चलाने का वैध लाइसेंस और पुलिस सत्यापन होना भी जरूरी है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले चालक और संचालक दोनों पर कठोर कार्रवाई होगी।
विभाग ने कहा है कि अभियान समाप्त होने के बाद भी नियमित और आकस्मिक चेकिंग जारी रहेगी। नियम तोड़ने पर वाहन जब्ती, चालान और परमिट निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे केवल वैध और सुरक्षित वाहनों में ही यात्रा करें और अवैध संचालन की सूचना परिवहन कार्यालय, मेरठ को दें।
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