नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में मेरठ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धारा 107 बीएनएसएस के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस की वित्तीय विवेचना के आधार पर अभियुक्त अक्षय गुप्ता की करीब 10.06 करोड़ रुपये मूल्य की 3 अचल संपत्तियों को कुर्क करने का माननीय न्यायालय ने आदेश दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश पर एसपी नगर के निर्देशन में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 72/2026 से संबंधित अभियुक्त अक्षय गुप्ता पुत्र गिरीश गुप्ता निवासी लक्ष्मी नगर, सूरजकुण्ड रोड की वित्तीय जांच की गई थी। विवेचना में अभियुक्त और उसकी पत्नी के आयकर विवरण, बैंक खातों, बैंक ऋण, रजिस्ट्री, भूखण्डों के क्रय मूल्य, भवन निर्माण व्यय, लोक निर्माण विभाग से प्राप्त मूल्यांकन और अन्य वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या 10, मेरठ ने दोनों पक्षों को सुनने और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद दिनांक 28.09.2026 को विवेचक के 25.06.2026 और 16.09.2026 के प्रार्थना पत्र को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 3 अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया।
कुर्क होने वाली संपत्तियां:
1. आवासीय भवन संख्या ए-316, एचआईजी पॉकेट-ए, गंगानगर, मेरठ, क्षेत्रफल करीब 297.19 वर्ग मीटर, अनुमानित मूल्य करीब 4.77 करोड़ रुपये
2. आवासीय भवन संख्या बी-36, राधा गार्डन, गंगानगर, मेरठ, क्षेत्रफल करीब 271.75 वर्ग मीटर, अनुमानित मूल्य करीब 5.03 करोड़ रुपये
3. ग्राम डुंगरावली स्थित भूखण्ड संख्या एफ-44, क्षेत्रफल करीब 149.75 वर्ग मीटर, अनुमानित मूल्य करीब 25 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के 6 मुकदमे पहले से दर्ज और विचाराधीन हैं। वर्ष 2020 से 2025 के बीच अर्जित संपत्तियों, बैंक खातों और आयकर विवरणों की तुलना में घोषित आय से अधिक निवेश पाए जाने पर धारा 107 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई।
अभियुक्त पक्ष ने संपत्तियां वैध आय और बैंक ऋण से अर्जित बताई थीं, लेकिन बैंक, आयकर विभाग और लोक निर्माण विभाग से सत्यापन के बाद न्यायालय ने कुर्की का आदेश दिया। चल संपत्तियों, 3 वाहनों, से संबंधित प्रार्थना को न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया।
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