थ्योरी से टेक्नोलॉजी तक: सुभारती के छात्रों ने सीखी क्लाउड कंप्यूटिंग की व्यावहारिक बारीकियां
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बीटेक सीएसई छात्रों के लिए “क्लाउड कंप्यूटिंग इजेंशियलस : लर्न, बिल्ड एंड डिपलॉय ” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन मदन मोहन मालवीय प्रेक्षागृह में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला के मुख्य वक्ता वेदांत जोशी, क्लाउड एकस्पर्ट, डाटा साइंस ट्रेनर एवं तकनीकी सलाहकार, सेटपा इन्फोटेक नोएडा रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को क्लाउड कंप्यूटिंग के मूल सिद्धांतों से लेकर इसके वास्तविक औद्योगिक उपयोग तक की जानकारी सरल एवं व्यावहारिक तरीके से दी।
कार्यक्रम के आयोजन में सुभारती फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल, सीएसई एंड आईटी व एफईटी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) श्रवण गर्ग का सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।वेदांत जोशी ने अपने सत्र में विद्यार्थियों को बताया कि क्लाउड तकनीक ने एप्लीकेशन डेवलपमेंट और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के पारंपरिक तरीकों को काफी हद तक बदल दिया है। अपने संबोधन में जोशी ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि क्लाउड प्लेटफॉर्म पर किसी एप्लीकेशन को किस प्रकार डेवलप, डिप्लॉय और मैनेज किया जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन तकनीकों की वास्तविक जानकारी मिली, जिनका उपयोग आज उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। कार्यशाला की खासियत इसका व्यावहारिक पक्ष रहा। विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन लर्निंग, क्लाउड आधारित टूल्स, डिप्लॉयमेंट स्ट्रेटेजी और स्केलेबल एप्लीकेशन डेवलपमेंट का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। विशेषज्ञ ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किसी एप्लीकेशन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और जरूरत के अनुसार स्केलेबल बनाने में क्लाउड कंप्यूटिंग किस प्रकार मदद करती है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की कक्षा में सीखी गई थ्योरी और उद्योग में अपनाई जाने वाली वास्तविक तकनीकों के बीच की दूरी को कम करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से तकनीकी विषयों पर संवाद किया और अपने प्रश्नों के समाधान भी प्राप्त किए। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को क्लाउड कंप्यूटिंग के मूल सिद्धांतों से परिचित कराने के साथ उन्हें आधुनिक डिप्लॉयमेंट तकनीकों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर दिया। आयोजन से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता ही उन्हें तेजी से बदलते आईटी क्षेत्र में बेहतर करियर के लिए तैयार कर सकती है।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. संजीव, डॉ. अंकुर, डॉ. आशिमा, डॉ. अमित, डॉ. तरुण एवं डॉ. दिव्या, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और विशेषज्ञ के अनुभव एवं मार्गदर्शन से लाभान्वित हुए। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते क्षेत्र, डिप्लॉयमेंट तकनीकों, इंडस्ट्री प्रैक्टिस और क्लाउड आधारित करियर अवसरों की जानकारी मिली।

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