
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) और उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकॉस्ट) के बीच पांच साल के लिए एमओयू हुआ। इसका उद्देश्य शोध, इनोवेशन और नई तकनीकों को सामाजिक जरूरतों से जोड़ना है। एमओयू पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) दुर्गेश पंत और एमआईईटी के कैंपस डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और हिमालयी विज्ञान में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट होंगे। यूकॉस्ट से जुड़े इनोवेटर्स और शोधार्थी एमआईईटी की एआईसीटीई आइडिया लैब, एसीआईसी और एआई, मशीन लर्निंग व क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। नए विचारों को प्रोटोटाइप और बाजार-उन्मुख उत्पादों में बदलने पर जोर रहेगा। हिमालयी पारिस्थितिकी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संरक्षण और उनके व्यावसायीकरण के साथ ग्लेशियर व झील संरक्षण पर भी संयुक्त अध्ययन किया जाएगा। संयुक्त शोध से तैयार आईपीआर के पेटेंट में यूकॉस्ट का पेटेंट इंफॉर्मेशन सेंटर तकनीकी सहयोग देगा।
युवा वैज्ञानिकों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए प्रशिक्षण व मेंटरशिप कार्यक्रम होंगे। दोनों संस्थान साइंस कांग्रेस, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस के आयोजन में भी सहयोग करेंगे। विज्ञान धाम की साइंस सिटी के लिए इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और ‘साइंस-ऑन-स्फीयर’ मॉड्यूल विकसित करने की योजना है। एमआईईटी चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल और बरखा अग्रवाल ने इस पहल पर दोनों संस्थानों को बधाई दी।
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