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Saturday, August 29, 2026

निशुल्क सफर ने बढ़ाई बहनों की त्योहार की खुशी, हंसते-मुस्कुराते घर लौटीं

-दो दिन में 2.50 लाख महिलाओं ने रोडवेज बसों से किया निशुल्क सफर

-रक्षाबंधन पर 1.86 लाख बहनों ने उठाया लाभ, घर वापसी में भी किराये की चिंता नहीं

लियाकत मंसूरी 
नित्य संदेश, मेरठ। भाई की कलाई पर राखी बांधने की खुशी और घर लौटने की बेफिक्री... रक्षाबंधन पर योगी सरकार की निशुल्क बस यात्रा सुविधा ने बहनों के त्योहार की खुशी को और बढ़ा दिया। दूर-दराज से भाइयों के घर पहुंचीं बहनों को लौटते समय भी किराये की चिंता नहीं करनी पड़ी। मेरठ परिक्षेत्र में दो दिनों में 2,50,170 महिला यात्रियों ने रोडवेज बसों से निशुल्क यात्रा की। रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को ही 1,86,113 महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया।

शनिवार को भाई के घर से अपने घर लौटने वाली बहनों की भीड़ बस अड्डों पर नजर आई। कोई भाई से मिले उपहार को संभालती दिखी तो कोई राखी की यादों के साथ घर लौट रही थी। बस में सवार महिलाओं के चेहरे पर त्योहार की खुशी साफ दिखाई दी। निशुल्क यात्रा ने उनके सफर को न केवल आसान बनाया, बल्कि त्योहार के खर्च में भी राहत दी।

बरेली से मेरठ लौट रहीं रंजना तोमर ने बताया कि शुक्रवार को भाई को राखी बांधकर शनिवार को वापस लौट रही हैं। उन्होंने कहा कि आने-जाने का किराया नहीं लगने से काफी राहत मिली। त्योहार पर सरकार की ओर से मिली यह सुविधा बहनों के लिए खुशी का एहसास कराने वाली है।

रामपुर से लौट रहीं सीमा ने कहा कि रक्षाबंधन पर मायके जाना और फिर सुरक्षित तरीके से घर लौटना उनके लिए खास रहा। निशुल्क यात्रा से सफर का खर्च बचा और त्योहार की खुशी भी बनी रही। उनके पति राहुल ने भी सरकार की इस पहल को महिलाओं के लिए उपयोगी बताया।

सीतापुर से पति के साथ मेरठ लौट रहीं राखी ने कहा कि भाई के घर जाने और वापस आने दोनों में किराया नहीं लगा। इससे त्योहार पर होने वाला खर्च कुछ कम हुआ और मन में खुशी रही। उन्होंने निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।

घर वापसी में भी बनी सहारा
महिला यात्रियों की भीड़ को देखते हुए मेरठ परिक्षेत्र में 925 बसों के फेरे बढ़ाए गए। अधिक भीड़ वाले मार्गों पर अतिरिक्त बस फेरे लगाए गए, जिससे बहनों को अपने घर लौटने में परेशानी न हो। अधिकारी और परिवहन निगम की टीमें लगातार बस संचालन की निगरानी करती रहीं।

दो दिन में 220.54 लाख रुपये की आय
महिलाओं के लिए यात्रा निशुल्क होने के बावजूद सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों से रोडवेज को दो दिनों में 220.54 लाख रुपये की आय हुई। 28 अगस्त को ही टिकट यात्रियों से 175.31 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।

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