नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि० (PVVNL) के प्रबन्ध निदेशक रवीश गुप्ता (आई०ए०एस०) ने बिजली चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रबन्ध निदेशक ने विद्युत चोरी रोकथाम और प्रवर्तन कार्रवाई की गहन समीक्षा की। बैठक में विजिलेन्स टीम, सभी एन्टी पावर थेफ्ट थाना प्रभारी और सभी क्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक के प्रमुख निर्देश -
1. हाई लॉस फीडरों पर फोकस: प्रबन्ध निदेशक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वितरण मण्डल में चिन्हित हाई लॉस फीडरों और बिजली चोरी संभावित क्षेत्रों में विशेष सघन चेकिंग अभियान निरंतर और योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाए।
2. संयुक्त छापेमारी: विजिलेन्स और क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा आकस्मिक छापेमारी की जाएगी।
3. बॉडी वॉर्न कैमरा अनिवार्य: कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रवर्तन दलों को बॉडी वॉर्न कैमरे का अधिकतम उपयोग करना होगा। कैमरा चेकिंग शुरू होने से लेकर समाप्त होने तक ऑन रहेगा।
4. त्वरित विधिक कार्रवाई: एन्टी पावर थेफ्ट थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि विद्युत चोरी के मामलों में विवेचना और विधिक कार्रवाई का शीघ्र निस्तारण किया जाए। हाई वैल्यू असेसमेंट वाले मामलों में वितरण खण्डों के सहयोग से प्रभावी वसूली अभियान चलाकर राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए।
5. जीडी में उपस्थिति अनिवार्य: सभी प्रवर्तन दलों को अभियान पर निकलने से पहले संबंधित थाने की जनरल डायरी (GD) में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और अनुशासित ढंग से समन्वित कार्रवाई करनी होगी।
प्रबन्ध निदेशक ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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