एडवोकेट नसीब सैफी
नित्य संदेश, मेरठ। बागपत रोड स्थित गांव पॉचली खुर्द एवं आसपास के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में संचालित पेपर मिल से फैल रहे कथित वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषी पाए जाने पर पेपर मिल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा आवश्यकता होने पर उसका संचालन बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि मिल से निकलने वाले धुएं और दूषित जल से आसपास के गांवों एवं कॉलोनियों के लोगों के स्वास्थ्य, खेती और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लास्टिक एवं अन्य मिश्रित कचरा जलाए जाने से प्रदूषण और बढ़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में कैंसर, अस्थमा, एलर्जी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में वृद्धि की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में ध्वनि प्रदूषण तथा पेपर मिल में आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण बागपत रोड पर लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों ने ट्रकों की अलग पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की। जयराज चपराना ने कहा कि अगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो पेपर मिल पर ताला बन्दी होगी।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम से उच्चस्तरीय जांच कराने तथा
पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई
करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर क्षेत्रवासी
लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने
वालों में धर्मेंद्र चपराना, आयुष चपराना, उपदेश राणा, संजू प्रधान, काजू शर्मा,
जितेन्द्र कुमार, सन्तरपाल, प्रमोद राना, गौरव शर्मा, अवनीश कुमार, रॉकी वाल्मीकि,
मोनू कुमार आदि मौजूद रहे।

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