साजिद कुरेशी
नित्य संदेश, सरधना (मेरठ)। श्रावण मास की पवित्र कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है और सरधना क्षेत्र से प्रतिदिन हजारों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कावड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन तथा निगरानी व्यवस्था को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर नगर पालिका परिषद सरधना की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। नगर के प्रमुख मार्गों और कावड़ यात्रा वाले रास्तों की हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है। जगह-जगह टूटी सड़कें, गहरे गड्ढे, जलभराव और गंदगी के कारण श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर की सबसे व्यस्त तहसील रोड लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसी मार्ग तहसील मुख्यालय, सरकारी कार्यालयों, भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम का कार्यालय, सरकारी अस्पताक के अलावा कई प्राइवेट अस्पताल, थाना, कई स्कूल, इसी मार्ग पर है यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। कावड़ यात्रा के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। इसी प्रकार चर्च रोड पर भी कई स्थानों पर सड़क टूट चुकी है। गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा रामतलैया मंदिर रोड, गंज बाजार, कालंद चुंगी, गंज बाजार और अन्य कई मोहल्लों की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं, जबकि कहीं इंटरलॉकिंग धंस चुकी है।
नगरवासियों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी घंटों तक सड़कों पर जमा रहता है। इससे श्रद्धालुओं, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद द्वारा कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन धरातल पर उनकी कोई झलक दिखाई नहीं दे रही है। यात्रा मार्गों की समय पर मरम्मत, गड्ढों को भरने, सफाई अभियान चलाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। नगर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर और गंदगी भी लोगों की नाराजगी का कारण बने हुए हैं। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष कावड़ यात्रा से पहले मार्गों की मरम्मत, सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाती थीं, लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़कें दुरुस्त कर दी जातीं, गड्ढों को भर दिया जाता और नालियों की सफाई कर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाती तो श्रद्धालुओं और आम जनता को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
नगरवासियों ने चिंता जताई कि कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ेगी। ऐसे में यदि सड़कों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद से मांग की है कि यात्रा को देखते हुए युद्ध स्तर पर सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाए, सभी गड्ढों को तत्काल भरा जाए, नालों और नालियों की सफाई कर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए तथा पूरे कावड़ मार्ग पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इतने बड़े आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो नगर पालिका की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल और भी गहरे हो जाएंगे तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती रहेंगी।

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