नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करने वाले वाहन स्वामियों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग की प्रवर्तन टीम ने आज अभियान चलाकर 20 पुराने वाहनों को जब्त कर पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) केंद्र को सौंप दिया। विभाग ने साफ किया है कि यह कार्रवाई पूरे साल नियमित रूप से चलती रहेगी।
एनजीटी के वर्धमान कौशिक मामले 2014 और सुप्रीम कोर्ट के एम.सी. मेहता मामले 2018 के आदेश के अनुसार एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल/सीएनजी वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक है। ऐसे सभी बीएस-III मानक वाले एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को जब्त करने के निर्देश हैं। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे कार्रवाई का इंतजार न करें और स्वयं अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप सेंटर में जमा कर जमा प्रमाण-पत्र (सीओडी) प्राप्त करें। सीओडी पर नए वाहन खरीदने पर पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में छूट सहित कई लाभ मिल रहे हैं। विभाग के अनुसार परिवर्तन योजना के तहत ट्रक और बसों को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं, जिसमें पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट, 10 साल तक मोटर कर माफ, हर महीने फ्यूल वाउचर, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और चुनिंदा कंपनियों द्वारा एक्स-शोरूम कीमत पर छूट शामिल है।
जिले में दो स्क्रैप सेंटर संचालित
वर्तमान में सड़क परिवहन मंत्रालय के पोर्टल पर पंजीकृत जिले में दो आरवीएसएफ सेंटर चल रहे हैं -
1. शेषधर सिंह स्क्रैप सेंटर, खसरा नंबर 102, पीपली खेड़ा, 15 किमी माइलस्टोन, भगवानपुर बिजोली, मेरठ। संपर्क- 9412126215
2. एबीएच स्क्रैप सेंटर, खसरा नंबर 26/1, अलीपुर जीजमाना, मेरठ। संपर्क- 9760110751
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीएस-III या उससे पुराने ईओएल वाहनों को दूसरे गैर-एनसीआर जिलों में ट्रांसफर करने के लिए एनओसी भी जारी नहीं की जाएगी। ऐसे वाहनों के पास अब स्क्रैपिंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

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