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Saturday, July 18, 2026

IIST इंदौर ने आयोजित किया "अप्रतिम सृजन कुंभ 2026" – वार्षिक इंटरनल हैकाथॉन

• 800 विद्यार्थी | 130 टीमें | 24 घंटे का नवाचार | एक लक्ष्य – बेहतर भविष्य के लिए तकनीकी समाधान


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST), इंदौर ने अपने वार्षिक 24 घंटे के फ्लैगशिप इंटरनल हैकाथॉन "अप्रतिम सृजन कुंभ 2026" का सफल आयोजन किया। इस आयोजन में संस्थान के प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग विद्यार्थियों ने एक साथ मिलकर तकनीक के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए।


हैकाथॉन का शुभारंभ 17 जुलाई को प्रातः 11 बजे हुआ और यह लगातार 24 घंटे तक चला। इस दौरान विद्यार्थियों ने समाज एवं उद्योग जगत की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नवीन तकनीकी अवधारणाओं पर आधारित समाधान तैयार किए। यह आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार, शोध, डिजाइन थिंकिंग एवं व्यावहारिक तकनीकी कौशल विकसित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।


130 टीमों में शामिल 800 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ "अप्रतिम सृजन कुंभ 2026" क्षेत्र के किसी भी इंजीनियरिंग संस्थान द्वारा आयोजित सबसे बड़े इंटरनल हैकाथॉनों में से एक बन गया। यह आयोजन अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning), नवाचार तथा उद्योगोन्मुखी शिक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


विद्यार्थियों ने निम्नलिखित छह महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी समाधान विकसित किए—एग्रीटेक (AgriTech), स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, डिजास्टर मैनेजमेंट. साइबर सेफ्टी, क्लीन एंड ग्रीन एनवायरनमेंट।


प्रतिभागी टीमों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं का मूल्यांकन देश की अग्रणी तकनीकी कंपनियों Oracle, Microsoft, Tata Consultancy Services (TCS),  , Impetus, InfoBeans, Lirisoft सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े 12 विशिष्ट जूरी सदस्यों द्वारा किया गया। जूरी ने प्रत्येक प्रोजेक्ट की तकनीकी व्यवहार्यता, नवाचार, विस्तार क्षमता (Scalability) तथा वास्तविक जीवन में उपयोगिता का गहन मूल्यांकन किया।


हैकाथॉन के दौरान विद्यार्थियों को उद्योग जगत के 12 अनुभवी मेंटर्स का निरंतर मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ, जिससे वे अपने विचारों को और अधिक परिष्कृत कर प्रभावशाली प्रोटोटाइप के रूप में विकसित कर सके।

प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए ₹62,000 की कुल पुरस्कार राशि निर्धारित की गई, जिसने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, नवाचार एवं समस्या समाधान की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर स्पर्श एवं IIST ग्रुप ऑफ institutes के ग्रुप एडवाइजर श्री अरुण एस. भटनागर ने कहा कि इंटरनल हैकाथॉन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि संस्थान की आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (Outcome-Based Education - OBE) प्रणाली विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, विश्लेषणात्मक सोच, डिज़ाइन थिंकिंग, टीमवर्क एवं नवाचार की क्षमता विकसित करती है, जिसके परिणामस्वरूप IIST के विद्यार्थी लगातार राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉनों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहे हैं।


उन्होंने आगे कहा कि "अप्रतिम सृजन कुंभ" केवल एक कोडिंग प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा नवाचार मंच है जो विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), बहु-विषयक सहयोग (Interdisciplinary Collaboration) तथा समाधान-आधारित सीखने की संस्कृति विकसित करता है। इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंडस्ट्री 5.0, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन तथा AI-संचालित रोबोटिक सिस्टम्स की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार इंजीनियर बनने में सक्षम बनाती है।


हैकाथॉन क्या है?

हैकाथॉन एक नवाचार प्रतियोगिता है, जिसमें विद्यार्थी सीमित समय के भीतर टीम बनाकर वास्तविक समस्याओं की पहचान करते हैं और उनके तकनीक-आधारित व्यावहारिक समाधान विकसित करते हैं। यह प्रतियोगिता रचनात्मकता, टीमवर्क, डिज़ाइन थिंकिंग, तीव्र प्रोटोटाइप निर्माण (Rapid Prototyping) तथा इंजीनियरिंग ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देती है।

IIST इंदौर में हैकाथॉन संस्थान की अनुभवात्मक शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। स्किल इम्प्रूवमेंट ग्रुप्स (SIGs), आइडियाथॉन, इंटरनल हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की विशेष तैयारी जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता एवं वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान विकसित करने की योग्यता निरंतर विकसित की जाती है।


राष्ट्रीय हैकाथॉनों में IIST की उल्लेखनीय उपलब्धियां

IIST ने देश की प्रतिष्ठित नवाचार एवं हैकाथॉन प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शोध, नवाचार एवं व्यावहारिक शिक्षा की अपनी मजबूत परंपरा को सिद्ध किया है।

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