नित्य संदेश ब्यूरो
इंदौर। पिरामिड स्पिरिचुअल सोसायटीज़ मूवमेंट (PSSM) एवं पीएमसी हिंदी के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर के श्री खजराना गणेश मंदिर के प्रवचन हॉल में आयोजित एक दिवसीय धर्मचक्र प्रवर्तन कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में लगभग 250 से 300 साधकों एवं जिज्ञासुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर ध्यान, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सीनियर पिरामिड मास्टर एवं थर्ड आई मास्टर श्रीमती रागिनी सेलवराज ने ध्यान की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विधि, कर्म सिद्धांत, विचारों की शक्ति तथा आत्मज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि धर्मचक्र प्रवर्तन का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को ध्यान के माध्यम से आत्मबोध, आंतरिक शांति एवं सत्य के मार्ग पर अग्रसर करना है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य स्वयं को जान लेता है, तभी उसके जीवन में वास्तविक परिवर्तन का आरंभ होता है।
कार्यक्रम में इंदौर से पीएमसी हिंदी से जुड़े मेडिटेशन मास्टर्स चित्रांशी जी, शीतल ओसवाल, अरविंद जी वाघमारे एवं प्रतिभा जोशी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं भोपाल से पधारी पिरामिड मास्टर वंदना जैन ने भी अपने अनुभवों एवं आध्यात्मिक विचारों से साधकों को प्रेरित किया।
पूरे दिन चले ध्यान सत्र एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों के दौरान उपस्थित साधकों ने ध्यान का अभ्यास किया तथा अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति एवं सकारात्मकता से ओतप्रोत रहा। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, स्वयंसेवकों एवं सहभागी साधकों का आभार व्यक्त करते हुए ध्यान एवं आत्मजागरण के इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
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