-राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में एक वर्षीय डिप्लोमा
व अल्पकालीन पाठ्यक्रमों के लिए 10 अगस्त तक आवेदन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी
सरकार लगातार नए अवसर उपलब्ध करा रही है। इसी कड़ी में राजकीय खाद्य विज्ञान
प्रशिक्षण केंद्र, मोदीपुरम ने वर्ष 2026-27 के लिए खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी एवं कन्फैक्शनरी और पाक कला से जुड़े
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशिक्षण के इच्छुक युवक-युवतियां 10 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को स्वरोजगार
स्थापित करने के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर सरकार की ओर से पूंजीगत
अनुदान और टर्म लोन के ब्याज पर भी सहायता मिलेगी। प्रधानाचार्य ने बताया कि
केंद्र में एक वर्षीय ट्रेड डिप्लोमा तथा एक माह के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित
किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को ऐसा व्यावहारिक प्रशिक्षण देना
है, जिससे वे नौकरी तलाशने के बजाय
स्वयं रोजगार सृजित कर सकें और अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।
खाद्य उद्योग में करियर बनाने का सुनहरा अवसर
एक वर्षीय ट्रेड डिप्लोमा में कैनिंग एवं खाद्य संरक्षण, बेकरी एवं कन्फैक्शनरी तथा पाक कला ट्रेड में 15-15 सीटें निर्धारित की गई हैं। कैनिंग एवं खाद्य
संरक्षण ट्रेड के लिए विज्ञान, कृषि विज्ञान, गृह विज्ञान अथवा खाद्य संरक्षण विषय के साथ
इंटरमीडिएट द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जबकि बेकरी एवं पाक कला ट्रेड के लिए इंटरमीडिएट
द्वितीय श्रेणी उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा एक माह के
प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में कैनिंग, बेकरी एवं कुकरी के संयुक्त
प्रशिक्षण के लिए 50 सीटें तथा बेकरी एवं
कन्फैक्शनरी एवं पाक कला के अलग-अलग बैच में 25-25 सीटें उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए हाईस्कूल
उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे।
महिलाओं को विशेष राहत, 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर प्रवेश
सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए 18 से 28 वर्ष निर्धारित की गई है।
महिलाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं होगी, जबकि फैक्ट्री नॉमिनी अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की
अतिरिक्त छूट मिलेगी। आवेदन पत्र राजकीय खाद्य
विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र, शीतगृह परिसर, मोदीपुरम से प्राप्त किए जा सकते हैं। चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद उद्योग लगाने पर मिलेगा सरकारी सहयोग
प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को खाद्य
प्रसंस्करण आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न
योजनाओं के तहत पूंजीगत अनुदान और टर्म लोन के ब्याज पर सहायता प्रदान की जाएगी।
इससे युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार
के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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