Breaking

Your Ads Here

Thursday, July 30, 2026

स्मार्ट खेती की दिशा में एमआईईटी की पहल, आईआईटी (बीएचयू) के सहयोग से राष्ट्रीय प्रशिक्षण शुरू



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग ने आई-डीएपीटी, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के सहयोग से "इंटीग्रेटेड सेंसर-टू-क्लाउड सॉल्यूशंस: नेक्स्ट-जनरेशन प्रिसिजन एग्रीकल्चर" विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्मार्ट कृषि के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।


नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स (एनएम-आईसीपीएस) के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण 31 जुलाई तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए संकाय सदस्य, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ, शोधार्थी, तकनीकी अधिकारी तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), सेंसर टेक्नोलॉजी, एम्बेडेड सिस्टम, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही सेंसर-टू-क्लाउड आर्किटेक्चर, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, स्मार्ट डैशबोर्ड, सुरक्षित क्लाउड कनेक्टिविटी और एआई आधारित निर्णय प्रणाली की जानकारी भी दी जा रही है।


एमआईईटी के चेयरमैन विष्णु शरण एवं वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में स्मार्ट कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर-फिजिकल सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को शोध, नवाचार और उद्योग की नई चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।


कार्यक्रम में भारत और जापान के विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के वैज्ञानिक 'ई' पुरुषोत्तम कुमार तथा जापान के किन्जो विश्वविद्यालय के प्रो. कानीचिरा मात्सुमुरा सहित आईआईटी दिल्ली, एनएसयूटी, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जेएसएस विश्वविद्यालय, केआईईटी विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के विशेषज्ञों ने स्मार्ट कृषि, सेंसर तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित कृषि समाधानों पर व्याख्यान दिए।


कार्यक्रम के संरक्षक कैंपस डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) एस.के. सिंह हैं। डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) संजीव सिंह सह-संरक्षक हैं। कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ए.के. सिंह एवं प्रो. (डॉ.) नेहा मित्तल कर रहे हैं, जबकि प्रो. (डॉ.) प्रियंक शर्मा और डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता सह-संयोजक हैं।आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को आई-डीएपीटी, आईआईटी (बीएचयू) और एमआईईटी मेरठ की ओर से संयुक्त प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here