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Friday, July 24, 2026

एआई अब नौकरी नहीं, काम करने का तरीका बदल रहा है : वैभव जैन

• आईएमए के विशेष सत्र में माइक्रोसॉफ्ट को पायलट के लाइव डेमो ने प्रतिभागियों को किया प्रभावित


• ई-मेल, रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन और डेटा विश्लेषण मिनटों में तैयार करने की तकनीक सीखी प्रतिभागियों ने


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। जो व्यक्ति और संस्थान समय रहते AI को अपनाएंगे, वही आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे। इसी उद्देश्य के साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (IMA) के एआई एंड इनोवेशन फोरम  द्वारा शुक्रवार को आईएमए कार्यालय, साउथ तुकोगंज में " इफेक्टिव यूज़ ऑफ कोपायलट टू इंक्रीज़  " विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किया गया।


करीब डेढ़ घंटे तक चले इस सत्र में कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों एवं AI में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें केवल AI की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट  का लाइव प्रदर्शन कर वास्तविक कार्यों को कुछ ही मिनटों में पूरा करके दिखाया गया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्यूरोतंत्र AI प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं कॉर्पोरेट तथा शैक्षणिक संस्थानों के AI सलाहकार श्री वैभव जैन ने कहा कि आज AI इंसानों की जगह लेने नहीं आया है, बल्कि इंसानों की क्षमता को कई गुना बढ़ाने आया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही व्यक्ति सबसे अधिक सफल होगा जो AI के साथ काम करना सीख जाएगा।


उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट केवल एक चैटबॉट नहीं, बल्कि ऐसा स्मार्ट डिजिटल सहयोगी है जो ई-मेल लिखने, रिपोर्ट तैयार करने, मीटिंग का सारांश बनाने, एक्सेल में डेटा का विश्लेषण करने, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार करने, दस्तावेजों को व्यवस्थित करने तथा कार्यालय के अनेक कार्यों को कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद करता है।

लाइव डेमो ने बढ़ाया उत्साह

सत्र के दौरान श्री वैभव जैन ने माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और आउटलुक में कोपायलट का लाइव डेमो बताया गया। उन्होंने दिखाया कि केवल कुछ सही निर्देश (प्रॉम्प्ट ) देकर लंबी रिपोर्टों का सारांश तैयार किया जा सकता है, आकर्षक प्रस्तुतियां बनाई जा सकती हैं तथा जटिल डेटा का विश्लेषण कुछ ही क्षणों में प्राप्त किया जा सकता है।


उन्होंने यह भी बताया कि AI से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सही प्रश्न पूछना सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रभावी प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग  के व्यावहारिक तरीके समझाए और बताया कि स्पष्ट निर्देश देने पर AI अधिक सटीक और उपयोगी परिणाम देता है। समय की बचत के साथ गुणवत्ता में भी सुधार मुख्य वक्ता ने कहा कि आज अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारियों का काफी समय ई-मेल तैयार करने, रिपोर्ट लिखने, डेटा व्यवस्थित करने और प्रेजेंटेशन बनाने में खर्च होता है। यदि इन कार्यों में Copilot जैसे AI टूल्स का उपयोग किया जाए तो समय की उल्लेखनीय बचत होने के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता और सटीकता भी बढ़ाई जा सकती है।


उन्होंने विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, शैक्षणिक संगठनों एवं उद्योगों के उदाहरण साझा करते हुए बताया कि AI अपनाने के बाद उनकी उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि AI का उद्देश्य मानव बुद्धिमत्ता का विकल्प बनना नहीं, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रतिभागियों ने पूछे कई व्यावहारिक प्रश्न सत्र के दौरान प्रश्नोत्तर का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने Copilot के लाइसेंस, सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, विभिन्न उद्योगों में उपयोग, शिक्षा क्षेत्र में AI की भूमिका तथा भविष्य में रोजगार पर AI के प्रभाव से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। 


श्री जैन ने सभी प्रश्नों के सरल, व्यावहारिक एवं उदाहरणों सहित उत्तर दिए। उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि AI द्वारा प्राप्त जानकारी को अंतिम रूप देने से पहले उसकी समीक्षा अवश्य करें और AI का उपयोग जिम्मेदारी एवं नैतिकता के साथ करें।


प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी रहा सत्र

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने माना कि AI कौशल आने वाले समय में करियर निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। वहीं कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स ने बताया कि Copilot उनके दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने में सहायक सिद्ध होगा। शिक्षकों ने भी इसे शिक्षा और शोध कार्यों के लिए उपयोगी बताया।


प्रतिभागियों ने इस प्रकार के और अधिक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया ताकि वे AI के नवीनतम उपकरणों का प्रभावी उपयोग सीख सकें।


आईएमए करेगा AI आधारित कार्यक्रमों की श्रृंखला

कार्यक्रम के अंत में आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था समय-समय पर प्रबंधन, नेतृत्व, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित करती रही है। भविष्य में भी AI एवं उभरती तकनीकों पर व्यावहारिक कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी, युवा प्रोफेशनल्स, उद्योग जगत एवं उद्यमियों को नई तकनीकों का लाभ मिल सके।


कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, मुख्य वक्ता एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। अंत में प्रतिभागियों ने AI के व्यावहारिक उपयोग को अपने कार्यस्थल पर अपनाने का संकल्प लिया।

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