सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 232/9 और 9/10 जैसे निर्माणों पर ध्वस्तीकरण नहीं, आखिर क्यों?
तरुण आहुजा
नित्य संदेश, मेरठ। लगभग 30 वर्ष पहले आवास विकास की निगरानी में हुए निर्माणों का खामियाजा आज व्यापारी और आम नागरिक भुगत रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि जब ये मकान और दुकानें बन रही थीं, तब संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? यदि उस समय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाता, तो आज हजारों परिवारों के सामने यह संकट खड़ा न होता।
30 साल बाद अवैध निर्माणों की याद नए पर कार्यवाही नहीं क्यों?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जहां व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं महिलाएं पिछले दो महीनों से धरने पर बैठी हैं। आवास विकास परिषद को कार्रवाई तो करनी है, लेकिन क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में एकरूपता दिखाई नहीं दे रही। कल सेक्टर-9 में अमित मिरांडा के निर्माण से शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई फैजल मस्जिद रोड, गुरुद्वारा रोड, आवास विकास चौराहा और सेंट्रल मार्केट तक पहुंची। जबकि आज आवास विकास के बाबत से शुरू होकर सेक्टर 13 तक ध्वस्तीकरण किया गया! लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बुलडोजर अंदर तक पहुंचा, जबकि कुछ निर्माणों को छोड़ दिया गया।
पूर्व पार्षद ओर पुलिस के घर पर कार्यवाही लेकिन राशन एजेंसी पर सवाल :
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जहां कई छोटे निर्माणों पर पुलिस ओर पूर्व पार्षद के घर तक पर कार्यवाही की गई! वही सेक्टर 9 ओर सेक्टर 13 स्थित राशन एजेंसी के अवैध निर्माण को नहीं छुआ गया। लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं, तो फिर कुछ स्थानों को राहत क्यों मिली? यह सवाल लगातार उठ रहा है।
9/10 का मामला भी चर्चा में
सेक्टर-10 स्थित 9/10 का निर्माण भी लंबे समय से चर्चाओं में रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं। अब जब ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है, तब भी इस निर्माण पर कार्रवाई न होने से लोगों में असंतोष है।
एक्सियन साहब का कहना था "फोर्स मिलने पर कार्रवाई होगी"
आवास विकास के अधिकारियों का अक्सर यह कहना रहा है कि पर्याप्त पुलिस बल मिलने पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब हाल ही में पर्याप्त फोर्स उपलब्ध है ! और अभियान भी चल रहा था, तब कुछ विवादित निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अगला नंबर किसका?
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बुलडोजर दोबारा सेक्टर-9 और सेक्टर-10 पहुंचेगा? क्या 232/9 और 9/10 जैसे मामलों पर भी कार्रवाई होगी, या फिर कार्रवाई और लापरवाही का यह आरोप आगे भी जारी रहेगा?
धरने पर बैठी महिलाओं का ऐलान
सेक्टर-2, 3 और 4 में धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपना व्यापार बंद कर दिया है, लेकिन वे अपने घरों को टूटने नहीं देंगी। उनका तर्क है कि यदि अतीत में अधिकारियों की लापरवाही रही है, तो उसका पूरा बोझ आम नागरिकों पर नहीं डाला जाना चाहिए। महिलाओं का कहना है कि वे न्यायपूर्ण और समान कार्रवाई की मांग कर रही हैं तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार नहीं करेंगी। उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाती।

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