Breaking

Your Ads Here

Thursday, June 25, 2026

एक सुर में बोली सेंट्रल मार्केट की महिलाएं, नहीं चलने देंगे बुल्डोजर

 


-10 अप्रैल से धरनार्थ हैं महिलाएं, घर बचाने को अंतिम दम तक करेंगी संघर्ष

तरुण आहूजा

नित्य संदेश, मेरठ। आवास विकास परिषद की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में पिछले 10 अप्रैल से धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने घरों पर बुलडोजर नहीं चलने देंगी। धरने पर बैठीं राधा गुप्ता, शालू शर्मा, शीतल पुंजानी, अंजना जैन, जगरोशनी समेत दर्जनों महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे सब एकजुट हैं और अपने आशियाने बचाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेंगी।


जब महिलाओं से पूछा गया कि आवास विकास की लगातार चल रही कार्रवाई और करीब 72 दिनों से जारी धरने के बीच उन्हें क्या लगता है, क्या विभाग यहां भी कार्रवाई करने आएगा? इस पर महिलाएं भावुक हो उठीं। उनका कहना था कि “हम नारी शक्ति हैं, हम सब एक हैं और किसी भी स्थिति में अपने घरों पर आंच नहीं आने देंगे।” सेक्टर-2 निवासी राधा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने यह मकान 165 रुपये महीने की किस्त पर लिया था और बड़ी मेहनत से उसकी अदायगी की है। उन्होंने कहा कि अब आवास विकास “सेटबैक” का मुद्दा उठाकर कार्रवाई की बात कर रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश व्यवसाय बंद कराने को लेकर थे, न कि मकानों पर बुलडोजर चलाने को लेकर। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घर तोड़ने के आदेश हैं, तो विभाग वह आदेश सार्वजनिक करे। धरने पर बैठीं शीतल पुंजानी ने कहा कि उनके एक ही मकान में तीन परिवार रहते हैं। ऐसे में यदि मकान तोड़ दिया गया तो उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।


पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं

सेक्टर-2 की जगरोशनी ने कहा कि उन्होंने भी मकान किस्तों पर लिया था और बड़ी मुश्किल से किस्तें भरीं। अब अचानक आवास विकास को यह याद आ रहा है कि मकान अवैध है। महिलाओं का कहना है कि योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, लेकिन यहां महीनों से धरने पर बैठी महिलाओं की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। उनका सवाल है कि आखिर उनकी समस्या का समाधान कौन करेगा?


मोहर्रम की छुट्टी के बाद फिर चल सकता है बुलडोजर

सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों ने स्वयं सेटबैक हटाने के लिए विभाग से समय मांगा था, जिस पर अधिकारियों ने 3 से 5 दिन का समय दिया। इसी बीच मोहर्रम की वजह से कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मोहर्रम के बाद आवास विकास परिषद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किस प्रकार करती है। क्या सेक्टर 8, 9, 10, 11, 12 और 13 में कार्रवाई नियमपूर्वक और समान रूप से होगी, या फिर कुछ लोगों को राहत मिलेगी?


व्यवसाय पर ही कार्रवाई होगी या घर भी निशाने पर?

शास्त्री नगर क्षेत्र में कुछ लोगों ने अपना व्यवसाय बंद कर दिया है, लेकिन उनके छोटे मकानों पर भी नोटिस चस्पा बताए जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आवास विकास का अगला कदम क्या होगा? सिर्फ व्यवसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई या फिर घरों पर भी बुलडोजर चलेगा?

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here