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Thursday, June 25, 2026

देश के विख्यात चिकित्सक एवं कर्नाटक हीमोफीलिया सोसाइटी के चेयरमैन पद्मश्री डाॅ. सुरेश हनगवाडी का “रोल ऑफ फैक्टर रिप्लेसमेन्ट थेरेपी इन ट्रीटमेन्ट ऑफ हीमोफीलिया’’ पर व्याख्यान एवं अभिनन्दन समारोह

विश्वास राणा

नित्य संदेश, गजरौला। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान एवं “विम्स’’ सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में देश के विख्यात चिकित्सक एवं अभी “2026’’ में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार “पद्मश्री’’ से सम्मानित डाॅ. सुरेश हनगवाडी का वेंकटेश्वरा संस्थान पहुँचने पर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। 


इसके साथ ही मेडिकल स्टूडेन्टस के लिए ’’रोल आॅफ फैक्टर रिप्लेसमेन्ट थेरेपी इन ट्रीटमेन्ट आॅफ हीमोफीलिया’’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि आईये हम सब मिलकर भारत समेत पूरे विश्व में एक मिलियन से अधिक हीमोफीलिया जैसी दुर्लभ रक्त विकार/बिमारी’’ के उपचार में जुटकर मानवता की सेवा की शपथ ले। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी ने संस्थापक अध्यक्ष की सहमति से डाॅ. सुरेश को “एडवाइजरी बोर्ड’’ में शामिल किये जाने की घोषणा करते हुए कहा कि डाॅ. सुरेश हनगवाडी की पिछले चार दशको की निस्वार्थ चिकित्सा सेवा, समर्पण, त्याग से प्रेरणा लेकर वेंकटेश्वरा के हजारों मेडिकल स्टूडेन्टस राष्ट्र सेवा में जुड़कर “अन्तोदय’’ तक स्वास्थय सेवाओ के लिए काम करेंगे। प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी ने कुलपति एवं डीन मेडिकल के साथ मिलकर शाॅल, स्मृति चिन्ह एवं बुके भेंटकर उनका अभिनन्दन किया। 

श्री वेंकटेश्वरा संस्थान के डाॅ. सी.वी. रमन सभागार में “पद्मश्री’’ मिलने एवं “रोल ऑफ फैक्टर रिप्लेसमेन्ट थेरेपी इन ट्रीटमेन्ट ऑफ हीमोफिलिया’’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पद्मश्री डाॅ. सुरेश हनगवाडी, प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, वित्त निदेशक सी.ए. युवराज सिंह, डीन मेडिकल प्रभु एम.एच. आदि ने सरस्वती माँ के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया। 

अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि पद्म श्री डाॅ. सुरेश हनगवाडी ने कहा कि बचपन में हीमोफिलिया से पीड़ित अपने मामा की समय पर सही उपचार न मिलने से हुई मौत ने उनको अन्दर तक हिला दिया और उन्होने चिकित्सक बनने की शपथ ली। लेकिन ईश्वर की नियति देखिये कि बड़ा हाने पर मुझे पता चला कि मै भी इसी दुर्लभ रक्त विकार की बिमारी हीमोफीलिया से पीड़ित हूँ। लेकिन मैने हार नहीं मानी एवं मैने एम.बी.बी.एस. व एम.डी. की परीक्षा सर्वोच्च अंको से पास करने के बाद इस खतरनाक बिमारी से लोगो की जान बचाने के लिए ’’कर्नाटक हीमोफीलिया सोसाइटी’’ की स्थापना की। विगत चालीस वर्षो से इस बिमारी के खिलाफ लड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ हजारों पीड़ित मरीजों को बिल्कुल निशुल्क उपचार देकर उनकी जान बचाने का काम किया। 

इस अवसर पर डाॅ. आलोक कुमार, डाॅ. गरिमा भटनागर, डाॅ. कलीम खान, डाॅ. मनीष कुमार, डाॅ. फैजल खिलानी, डाॅ. शशिधरन, डाॅ. श्रीरेड्डी कृष्णा, डाॅ. कमरआलम, डाॅ. साची अहलावत, डाॅ. वीर भद्र, डाॅ. एस.पी. विट्टल, डाॅ. नौशाद, डाॅ. शाकिब, डाॅ. सेल्वा कुमार, डाॅ. निपुण, डाॅ. शिल्पी, डाॅ. प्रवीलिका, डाॅ. श्रुति, डाॅ. निलीशा, डाॅ. आशी, डाॅ. अभिनव, डाॅ. नवनीत कुमार, एस.एस. बघेल, सचिन, प्रीतपाल, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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