नित्य संदेश ब्यूरो
गजरौला। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय, विम्स मल्टीस्पेशिल्यिटी हॉस्पिटल एवं वी.जी.आई. मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में “विश्व रक्तदाता दिवस’’ पर संस्थान में एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान प्रबंधन, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए 82 यूनिट रक्तदान किया। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने संस्थान परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित भी किया एवं रक्तदान कर लोगों के जीवन को बचाने की शपथ दिलायी।
वेंकटेश्वरा संस्थान के ब्लड बैंक (ब्लड सेन्टर) में आयोजित वृहद रक्तदान शिविर एवं जागरूकता सेमिनार एवं रक्तदान शपथ समारोह का शुभारम्भ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, डीन मेडिकल प्रभु एम.एच., एम.एस. डॉ. शिशिर पाटिल, एडिशनल एम.एस. डॉ. अमित जैन, डॉ. नौशाद आदि ने फीता काटकर एवं सरस्वती माँ की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया। इसके बाद शुरू हुए “मेगा रक्तदान शिविर’’ में संस्थान के स्टॉफ एवं मेडिकल प्रबंधन के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान करते हुए 82 यूनिट रक्तदान कर लोगों का जीवन बचाने की शपथ ली।
अपने सम्बोधन में प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने उपस्थित जनसमूह को नियमित रक्तदान की शपथ दिलाते हुए कहा कि नियमित अन्तराल के बाद “स्वैच्छिक रक्तदान’’ द्वारा प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं, ट्रॉमा एवं विभिन्न सर्जरी में रक्त की अनुपलब्धता के कारण होने वाली दस लाख से अधिक मौतों को रोका जा सकता है। आईए हम सब मिलकर ’“स्वस्थ भारत- आयुष्मान भारत’’ मिशन में अपना प्रभावी योगदान दें।
अपने सम्बोधन में संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने सभी को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि मतदान, गौदान (गाय-दान), कन्यादान को हमारे देश में “श्रेष्ठ दान’’ माना गया है पर “रक्तदान’’ को "सर्वश्रेष्ठ दान’’ की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसके द्वारा आप जरूरतमंद को नया जीवन देते है। उन्होंने सभी से स्वयं रक्तदान करने साथ-साथ दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. सुमन, डाॅ. गरिमा भटनागर, डॉ. सची अहलावत, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नौशाद, फरहीन, नर्सिंग हेड अनीता मैथ्यू, एस.एस. बघेल, मेरठ परिसर से डॉ. पंकज एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।
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