नित्य संदेश ब्यूरो
बागपत। बिनौली सहकारी समिति में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा घोटाला सामने आया है। जिला सहकारी बैंक लि0 मेरठ की प्रारंभिक जांच में वर्ष 2023-24 में 12.84 लाख, 2024-25 में 12.84 लाख और 2025-26 में 19.33 लाख रुपये समेत कुल 50 लाख रुपये से अधिक के अनियमित खर्च का खुलासा हुआ है। सचिव संजय सिंह पर किसानों से अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
1. कैसे हुआ घोटाला?
जिला प्रशासनिक कमेटी बागपत के सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, समिति सचिव संजय सिंह ने:
- 2023-24 में ब्याज अनुदान के 12,84,678 रुपये और 2025-26 में 19,33,040 रुपये निकाले।
- 40,000 रु के फर्जी खर्चे पास कर गबन किया।
- अपने पुत्र आदित्य के नाम से समिति खाते से 48,000 रु का फर्जी भुगतान लिया।
- पूर्व आंकिक के पुत्र 'कप्तान' को अनाधिकृत रूप से कार्यालय में रखकर उगाही कराई और समिति अभिलेखों में गबन कराया।
- कर्मचारियों के नाम से फर्जी चेक पर हस्ताक्षर कर बैंक से भुगतान लिया।
2. किसानों के आरोप:
सुधीर धामा, सुनील धामा, सतपाल सिंह, गंगाराम समेत कई किसानों ने संयुक्त आयुक्त सहकारिता मेरठ को शिकायत भेजी कि सचिव संजय सिंह:
- नकली कीटनाशक बेचते हैं।
- कार्यालय में अनाधिकृत व्यक्तियों को मद्यपान कराते हैं।
- प्रकीर्ण व्यय खाते से फर्जी बिलों से 15 लाख का भुगतान करते हैं।
- KCC फाइल बनाने के नाम पर 500 से 2000 रुपये और 2 से 5 प्रतिशत तक रिश्वत लेते हैं।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सामान बेचकर 80 हजार की रसीद काटकर गबन करते हैं।
- बी-पैक्स बिजरौल पर रहते हुए 3 लाख का गबन कर चुके हैं।
3. महिला किसान से अभद्रता:
श्रीमती अमृता धामा ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा कि KCC फाइल नवीनीकरण के लिए 2% की अनाधिकृत मांग की गई। विरोध पर सचिव ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
क्या कार्रवाई हुई?
1. धारा 66 में जांच टीम गठित: बैंक ने माना कि समिति का कार्य "स्थापित नियमों के अनुसार नहीं चल रहा"। 28.04.2026 को उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 66 के तहत जांच टीम बनाई गई।
2. निलंबन की सिफारिश: पत्र में सचिव संजय सिंह के विरुद्ध "कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाते हुए निलंबित" करने की मांग की गई है।
3. 15 साल से जमे हैं सचिव: शिकायत में आरोप है कि संजय सिंह विगत 15 वर्षों से बी-पैक्स बिनौली पर ही कार्यरत हैं और गलत तरीके से नियुक्ति पाई है।
किसानों का दर्द:
शिकायतकर्ता आकाश सोलंकी, महीपाल, गुलवीर सोलंकी, जयपाल सिंह का कहना है कि सचिव के कारण समिति को लाखों का नुकसान हुआ और बैंक की छवि धूमिल हुई।
अगला कदम:
प्रशासनिक कमेटी की बैठक में अनुमोदन के बाद प्रकरणों की विस्तृत जांच होगी, ताकि सहकारी देयों की वसूली और फसली ऋण वितरण का कार्य सुचारू हो सके।
एक नजर में घोटाला
मद राशि
ब्याज अनुदान 2023-24 12,84,678
ब्याज अनुदान 2025-26 19,33,040
फर्जी बिल भुगतान 15,00,000
PDS सामान गबन 80,000
बिजरौल में गबन 3,00,000
पुत्र के नाम भुगतान 48,000
कुल 51 लाख+

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