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Tuesday, June 23, 2026

मेरठ के 1278 स्कूलों में बनेंगे किचन गार्डन


-किचन गार्डन में उगाई गई सब्जियों से बनेगा मिड-डे मील भोजन

लियाकत मंसूरी

नित्य संदेश, मेरठ। जनपद के 1278 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग की इस पहल के तहत विद्यालय परिसरों में मौसमी सब्जियां और फलदार पौधे लगाए जाएंगे, जिनका उपयोग बच्चों के मिड-डे मील (एमडीएम) में किया जाएगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें प्राकृतिक खेती, फसल चक्र और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।

बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार किए जाएंगे। जिन विद्यालयों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां गमलों और पॉली बैग में सब्जियां उगाई जाएंगी। किचन गार्डनों में लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, बैंगन, पालक, मेथी और टमाटर जैसी मौसमी सब्जियां उगाई जाएंगी। वहीं केला, पपीता, अनार और अमरूद जैसे फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। विद्यालयों में तैयार होने वाली इन ताज़ी सब्जियों का उपयोग बच्चों के लिए बनने वाले मिड-डे मील में किया जाएगा, जिससे उन्हें अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सकेगा। किचन गार्डन योजना का विस्तार चुनिंदा माध्यमिक विद्यालयों और पीएम श्री विद्यालयों में भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

छात्रों को मिलेगी खेती की बुनियादी जानकारी

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विद्यार्थियों को खेती की बुनियादी जानकारी, फसलों के प्रकार, फसल चक्र, पौधों की देखभाल और प्राकृतिक खेती के तरीकों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी वाटिका के रखरखाव के लिए तय की जाएगी, जिससे उनमें जिम्मेदारी और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके।

ये कहना है बीएसए का

बीएसए ने बताया कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विद्यालय स्तर पर विकसित होने वाली वाटिकाओं की निगरानी शासन स्तर से भी की जाएगी। न्याय पंचायत और ब्लॉक स्तर पर बेहतर किचन गार्डनों को चिन्हित कर उनके नवाचारों को अन्य विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से योजना का सत्यापन भी किया जाएगा।

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