नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मध्य प्रदेश के लोगों को जिस मानसून का बेसब्री से इंतजार था, उसकी रफ्तार इस बार धीमी पड़ गई है। हालांकि इंदौर समेत कुछ इलाकों में बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है, लेकिन पूरे प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी भी अटकी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार प्रशांत महासागर में बने अल नीनो प्रभाव ने मानसून की चाल को प्रभावित किया है, जिसके कारण बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज की गई है।
मानसून की रफ्तार पर क्यों लगा ब्रेक?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति सामान्य स्तर से बढ़कर पॉजिटिव फेज में पहुंच गई है। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति प्रभावित हुई है। यही कारण है कि मानसून अभी उड़ीसा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास ही ठहरा हुआ है और मध्य प्रदेश तक नहीं पहुंच पाया है।
मध्य प्रदेश में मानसून कब देगा दस्तक?
पिछले वर्षों में आमतौर पर 19 जून तक मानसून इंदौर सहित प्रदेश के बड़े हिस्से में पहुंच जाता था, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 23 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद 27 जून के आसपास मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है।
इंदौर में बारिश से बदला मौसम का मिजाज
शनिवार दोपहर इंदौर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम अचानक सुहावना हो गया। बारिश के बाद शहर का तापमान भी नियंत्रित रहा, जिससे लोगों ने राहत महसूस की।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में इंदौर में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के दौर देखने को मिल सकते हैं।
जून के शुरुआती 19 दिनों में मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्री-मानसून सीजन के दौरान अब तक लगभग 45 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिला है, जहां वर्षा में करीब 45 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मानसून में हो रही देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है और पर्याप्त बारिश नहीं होने से कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर शहरों में भी लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। जून के अंतिम सप्ताह में कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रदेश को जल्द ही गर्मी और सूखे जैसे हालात से राहत मिल सकती है।







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