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Tuesday, May 12, 2026

अभिभावकों की उम्मीदों को भ्रष्ट तंत्र ने पूरी तरह से कुचल दिया: अतुल


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का अचानक रद्द किया जाना महज़ एक परीक्षा प्रणाली या प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता नहीं है, बल्कि यह देश के उन करोड़ों शोषित, वंचित, पिछड़े और मध्यमवर्गीय परिवारों के अटूट भरोसे की सामूहिक हत्या है, जिन्होंने अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए रात-दिन एक कर रखा था। अपने बच्चों को डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले और पेट काटकर कोचिंग व पढ़ाई का खर्च वहन करने वाले अभिभावकों की उम्मीदों को इस भ्रष्ट तंत्र ने पूरी तरह से कुचल दिया है। 

इस अत्यंत गंभीर राष्ट्रीय संकट पर गहरा क्षोभ और आक्रोश व्यक्त करते हुए बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) पार्टी के अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने सरकार एवं संबंधित एजेंसियों को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है। अतुल खोड़ावाल राष्ट्रीय अध्यक्ष बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) पार्टी ने अपने जारी बयान में कहा कि देश भली-भांति समझता है कि संपूर्ण राष्ट्र में एक साथ इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित करना एक जटिल प्रशासनिक कार्य है, परंतु इसकी आड़ में हमारे देश की मेधा और युवाओं के कठोर परिश्रम को परीक्षा-माफियाओं के लालच की वेदी पर नहीं चढ़ाया जा सकता। युवा इस राष्ट्र की असली रीढ़ हैं, और उनके भविष्य के साथ हर साल होने वाले इस खिलवाड़ को अब और सहन नहीं किया जाएगा।

 अतुल खोड़ावाल ने कहा: "जब देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों में जाने की उम्मीद रखने वाले होनहार छात्रों को अपनी कॉपियां-किताबें किनारे रखकर भीषण चिलचिलाती धूप में सड़कों पर न्याय की भीख मांगनी पड़े, तो यह केवल एक सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं है। यह हमारी राष्ट्रीय साख, नैतिक मूल्यों और संपूर्ण लोकतांत्रिक व्यवस्था की विफलता का जीवंत प्रमाण है। हर बार पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने की गाज केवल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर ही क्यों गिरती है, इसका जवाब सरकार को देना होगा।"

अतुल खोड़ावाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि बाबा साहेब ने 'शिक्षा' को सामाजिक परिवर्तन, समता और अधिकारों को पाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया था। आज यदि चंद भू-माफिया और भ्रष्ट तंत्र मिलकर उस शस्त्र की पवित्रता और विश्वसनीयता को ही धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, तो देश का बहुजन समाज इसे मूकदर्शक बनकर कभी स्वीकार नहीं करेगा। युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले चेहरों को बेनकाब करना और उन्हें सलाखों के पीछे भेजना अत्यंत आवश्यक है।

बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) की केन्द्र सरकार से प्रमुख मांगें:
(1) इस पूरे महा-घोटाले की निष्पक्षता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के सिटिंग जज की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समयबद्ध जांच समिति का गठन तत्काल किया जाए।
(2) पेपर लीक कांड, धांधली और राष्ट्रीय व्यवस्था को पंगु बनाने में शामिल सभी भ्रष्ट अधिकारियों, दलालों और परीक्षा-माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ 'राष्ट्रद्रोह' जैसी कठोरतम धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएं।
(3) आगामी समय में होने वाली पुनः परीक्षा में पूर्ण पारदर्शिता की शत-प्रतिशत गारंटी दी जाए और पीड़ित छात्रों को इस मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना के एवज में सरकार द्वारा उचित संबल व राहत प्रदान की जाए।

बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) इस अत्यंत कठिन, निराशाजनक और मानसिक तनाव की घड़ी में देश के समस्त पीड़ित परीक्षार्थियों और उनके चिंतित अभिभावकों के साथ पूरी संवेदना, निष्पक्षता और दृढ़ता के साथ खड़ा है। इस पूरे प्रकरण में त्वरित न्याय, पूर्ण पारदर्शिता और सख्त जवाबदेही स्थापित करना अब सरकार की सर्वोच्च नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है।

भवदीय 
अतुल खोड़ावाल 
राष्ट्रीय अध्यक्ष 
बहुजन जनता दल (खोड़ावाल)

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