नित्य संदेश ब्यूरो
रोहटा। डूंगर गांव में भाजपा नेता ओर किसानो के बीच चकरोड को लेकर चला आ रहा विवाद को निपटाने के लिए शुक्रवार को तहसील टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव में पैमाईश के लिए पहुंची लेकिन मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते टीम बगैर पैमाईश किए ही वापस लौट गई। बता दे कि भाजपा नेता बलराज डूंगर के भाई गजराज सिंह पूर्व प्रधान का एक माह पूर्व गांव निवासी महेंद्र व कर्ण सिंह पुत्रगण अनूप सिंह से चकरोड को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें पूर्व प्रधान गजराज सिंह पर विपक्षियों ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। जिसमें पुलिस ने तीन नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जो हाल ही में जेल से छुटकर गांव में आए है। उक्त चकरोड के विवाद को निपटाने के लिए तहसील कर्मियों की टीम नायब तहसीलदार आदेश कुमार के साथ भारी पुलिस बल के साथ शुक्रवार दोपहर को गांव में मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को बुलाकर जैसे ही पैमाइश का प्रयास किया तो महेंद्र पक्ष ने चकरोड के सिंजारा दुरुस्ती का विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने का प्रमाण टीम को दिया तो टीम ने पैमाईश की कार्यवाही को रोक दिया। न्यायालय से पूरी जानकारी करने के बाद ही अग्रिम कार्यवाही करने की बात कह टीम गांव से लौट गई।
इससे पूर्व टीम ने एक रास्ते के चौड़ीकरण की पैमाईश कर निशान देही जरूर की। टीम में कानूनगो मुकेश सोम, लेखपाल शिवानी, कृष्णा पाल सिंह, विनीत सिंह आदि शामिल रहे। शांति कायम रखने के लिए पुट चौकी इंचार्ज हरिमोहन गौतम भी पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।
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